"समाज व प्रकृति का कर्ज सेवा से ही उतरेगा, संसार में कुछ भी मुफ्त नहीं": ऊर्जा मंत्री अनिल विज

पर्यावरण के प्रति सचेत होने की जरूरत और इस क्षेत्र में संस्थाएं कार्य करें : मंत्री अनिल विज

खत्म हो रहे तेज, गैस, कोयले के भंडार, हमें वैकल्पिक रास्तों को अपनाना होगा : अनिल विज

अग्रवाल फेलोशिप क्लब द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं को ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सम्मानित किया व क्लब को स्वैच्छिक कोष से दस लाख राशि देने की घोषणा की



अम्बाला, 19 जुलाई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि मानव की सहायता करना ही सेवा है। समाज सेवा हमारा लक्ष्य होना चाहिए और हमारा शहर समाज सेवा में नंबर एक होना चाहिए। संसार में कुछ भी मुफ्त नहीं है, हमें कुछ देना भी पड़ता है, इसलिए समाज व प्रकृति का कर्ज सेवा से ही उतरेगा।

मंत्री अनिल विज आज अम्बाला छावनी स्थित अग्रवाल धर्मशाला में अग्रवाल फेलोशिप क्लब द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।


ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने रक्तदान शिविर की सराहना करते हुए कहा कि अग्रवाल फेलोशिप क्लब एक मशहूर समाज सेवी संस्था है जो रक्तदान शिविर के अलावा समाज सेवा के विभिन्न कार्यों को करते हैं। समाजसेवी कार्यों से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। क्लब सदस्य स्वयं रक्तदान कर समाज सेवा का बेहतर उदाहरण समाज को दे रहे हैं। उन्होंने अग्रवाल फेलोशिप क्लब को प्रोत्साहन स्वरूप अपने स्वैच्छिक कोष से दस लाख रुपए देने की घोषणा की।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज के युग में लोग अपने तक ही सीमित होकर रह गए हैं जबकि दूसरे लोगों की सेवा के लिए प्रेरित करना भी आवश्यक है। सेवा विभिन्न कार्यों से होती है और हमें यह करना जरूरी भी है। हम पर्यावरण से हवा ले रहे हैं, सूर्य से रोशनी ले रहे हैं और इन्हीं से ही हम जीवित है परंतु संसार का नियम है कि दुनिया में कुछ मुफ्त नहीं है और हर वस्तु का भाव देना पड़ता है। यदि हमने कुछ लिया है तो कुछ देना भी पड़ता है नहीं तो समाज व प्रकृति का कर्जा चढ़ता रहता है। इसी कर्जे को उतारने के लिए समाज सेवी संस्थाएं बहुत बढ़ी भूमिका अदा कर रही है।  

“अपने लिए जिए तो क्या जिए… “ – ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने गुनगुनाया गीत

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने गीत गुनगुनाया कि “अपने लिए जिए तो क्या जिए… “, जीना वहीं है जो दूसरों के लिए जीना है। उन्होंने कहा जो लेते रहते है और देते कुछ नहीं उनके जीवन में खटास रहती है जो उन्हें ही नुकसान देती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक राही ने नदी का पानी पिया तो नदी से पूछा कि “हे नदी तेरा पानी इतना मीठा क्यों है, इसपर नदी ने उत्तर दिया कि उसने बहुत दूर जाना है और तू जाकर सागर से पूछ, राही फिर समुद्र के पास गया और समुद्र का पानी पीकर पूछा कि “नदी का जल मीठा और समुद्र का खारा क्यों है” जिस पर समुद्र ने राही से कहा कि “नदी एक हाथ लेती है तो दूसरे हाथ देती है, मगर मैं लेता हूं किसी को देता नहीं इसलिए मेरा जल खारा है”। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार हमें अपने जीवन में मिठास भरने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।



पर्यावरण के प्रति सचेत होने की जरूरत और इस क्षेत्र में संस्थाएं कार्य करें : मंत्री अनिल विज

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सेवा के बहुत प्रकल्प है और आजकल पर्यावरण व प्रदूषण की बहुत बात की जा रही है। प्लास्टिक का प्रयोग कर हम अपने पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा जब हम छोटे थे तो थैलों में घर का सामान लाते थे। मगर अब हर वस्तु प्लास्टिक में आ रही है और यही प्लास्टिक का दशकों तक निष्पादन नहीं हो पाता। यही प्लास्टिक पर्यावरण को खराब कर रहा है। नालियों में प्लास्टिक पानी रोकता है जिससे सफाई प्रभावित होती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वह प्लास्टिक को नालियों में नहीं फेंके जिससे सफाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा संस्थाएं इस मुद्दे के प्रति भी लोगों को जागृत कर सकती है।

इसी प्रकार से पौधा रोपण करना चाहिए क्योंकि यही पर्यावरण हमें शुद्ध हवा देते हैं। पौधे ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं जिससे हमें जीवन मिलता है और बिना ऑक्सीजन के आदमी जीवित नहीं रहता है। इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण किया जाना चाहिए। हमारी पार्टी ने कई स्थानों पर पौधरोपण किया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वह खाली स्थानों पर पौधरोपण अवश्य करें। उन्होंने कहा कि शहर से बाहर गांव, खेतों व जंगलों में भरपूर मात्रा में खुली हवा व ऑक्सीजन मिलती है जिससे हमें सुकून मिलता है। हमें अवश्य वहां जाकर तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिए।



खत्म हो रहे तेज, गैस, कोयले के भंडार, हमें वैकल्पिक रास्तों को अपनाना होगा : अनिल विज


ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सेवा के अनेकों प्रकल्प है जिनमें जरूरतों को शिक्षा देना का कार्य है। गरीब बस्तियों में जाकर बच्चों व माता-पिता को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है। भारत की एक निजी कंपनी ने पहली बार अपना रॉकेट लांच कर दिया है। गत दिनों ही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को चलाया गया है। आने वाले समय में तेल, गैस, कोयला यह खत्म होते जा रहे है। इसलिए हमें अभी से ही वैकल्पिक रास्तों को अभी से अपनाना होगा। ऊर्जा का केवल एक सूर्य स्त्रोत है जोकि विभिन्न रूपों में है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार कई प्रकार की योजनाएं चला रही है।  



ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने रक्तदाताओं को सम्मानित किया

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर व उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर अग्रवाल फेलोशिप क्लब के पदाधिकारी अनिरुद्ध जिंदल, नीरव जैन, दिनेश अग्रवाल, संजीव जिंदल, अमित अग्रवाल, ऋषि गुप्ता, नवीन मित्तल, आशीष राज गुप्ता, जितेंद्र सिंघल, महेश अग्रवाल के अलावा भाजपा नेता रवि बुद्धिराजा, हर्ष बिंद्रा, अनुज यादव, अनिल बहल, अभिषेक धीमान सहित अन्य मौजूद रहे।

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