24/07/25

शहीद आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 24 जुलाई (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को जिला चरखी दादरी के बाढ़डा विधानसभा क्षेत्र के झोझूकलां में अमर शहीद अरविंद सांगवान की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए एक गौरवशाली और अत्यंत भावुक कर देने वाला दिन है। हरियाणा की इस वीर भूमि पर हम एक ऐसे महान सपूत को याद कर रहे हैं, जिसने भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह केवल एक प्रतिमा नहीं है, यह उस अदम्य साहस, अटूट देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है, जो इस इलाके के जवानों की रग-रग में बसा है। शहीद अरविंद सांगवान एक ऐसे युवा थे, जिन्होंने बचपन से ही अपने अंदर देश सेवा का जज्बा पाला था। उनका जन्म झोझूकलां में हुआ और यहीं की मिट्टी ने उन्हें देशभक्ति के संस्कार दिए। उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का सपना देखा था। अपने सपने को साकार करने के लिए किए गए अथक परिश्रम से उनका चयन भारतीय सेना में हुआ। वीर सैनिक ने 23 दिसम्बर, 2022 को लद्दाख में 'ऑप्रेशन स्नो लेपर्ड' के दौरान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैनिक का बलिदान केवल एक व्यक्ति का बलिदान नहीं होता, यह पूरे राष्ट्र का बलिदान होता है। जब एक सैनिक शहीद होता है, तो उसका परिवार, उसका गांव, उसका राज्य और पूरा देश उस क्षति को महसूस करता है। लेकिन साथ ही, उसका बलिदान हमें यह भी सिखाता है कि कुछ चीजें जीवन से भी बढ़कर होती हैं और वे हैं- हमारा देश, हमारी संस्कृति, हमारी स्वतंत्रता। उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम उनके बलिदान को कभी न भूलें, उनके परिवार का सम्मान करें और उनके आदर्शों पर चलें। हमें अपने बच्चों को शहीद अरविंद सांगवान जैसे वीरों की कहानियां सुनानी चाहिए, ताकि वे भी देशभक्ति के मूल्यों को आत्मसात कर सकें।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही हम अपने घरों में सुरक्षित महसूस करते हैं। हमारी सरकार ने हमेशा शहीदों के परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। हमने उनके लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। भूतपूर्व सैनिक व केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कल्याण के लिए सैनिक व अर्द्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया है। शहीदों के परिवारों को वर्ष 2014 में मिलने वाली सहायता राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की है। शहीदों के परिवारों को अनुकंपा आधार पर 406 आश्रितों को सरकारी नौकरी दी है। द्वितीय विश्व युद्ध के भूतपूर्व सैनिकों तथा विधवाओं को वर्ष 2014 में 3 हजार रुपये आर्थिक सहायता मिलती थी, जिसे हमने बढ़ाकर 10 हजार रुपये मासिक किया है। 60 वर्ष व इससे अधिक आयु के भूतपूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं और उनके अनाथ बच्चों तथा 1962, 1965 व 1971 की युद्ध विधवाओं को वर्ष 2014 में मिलने वाली 2 हजार रुपये मासिक आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 6,200 रुपये मासिक किया है। युद्ध / आतंकवाद तथा अन्य घटना के दौरान घायल हुए सैन्य कर्मियों को अनुग्रह अनुदान निःशक्तता के आधार पर वर्ष 2014 में मिलने वाली 15 लाख रुपये की राशि बढ़ाकर 35 लाख रुपये तक की है।

 

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