तीन दिन राष्ट्रीय स्तर के कृषि मेले में सभी योजनाओं से किसान होंगे रूबरू
आरएस अनेजा, 9 अप्रैल नई दिल्ली - रायसेन/ भोपाल/ नई दिल्ली, रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक होने वाले राष्ट्रीय कृषि मेले में फसल बीमा, ऋण, कृषि अवसंरचना कोष, उन्नत बीज‑उर्वरक, जैविक प्रमाणन, एफपीओ‑मार्केटिंग और भविष्य का “कृषि रोडमैप”– किसान को हर जानकारी एक ही मंच पर मिलेगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज क्षेत्र के सरपंचों के साथ वर्चुअल संवाद कर उनसे अपील की कि वे गाँव‑गाँव से अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित कर इस कृषि मेले को किसान भागीदारी से सफल बनाएं।
ये तीन दिन किसानों के लिए “जीवंत विश्वविद्यालय” जैसे
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक होने वाला राष्ट्रीय स्तर का कृषि मेला वास्तव में खेती का गेम‑चेंजर “कृषि महाकुंभ” होगा, जहाँ बीज से लेकर बाजार और बीमा से लेकर क्रेडिट तक हर पहलू पर समाधान एक ही जगह उपलब्ध रहेगा। वर्चुअल संवाद में उन्होंने सरपंचों से कहा कि ये तीन दिन किसानों के लिए “जीवंत विश्वविद्यालय” जैसे हैं, जहाँ वे आधुनिक यंत्रों, ड्रोन, बीज, उर्वरक, जैविक खेती और एफपीओ‑मार्केटिंग के मॉडल के साथ‑साथ बीमा, ऋण, अवसंरचना और कृषि रोडमैप के माध्यम से भविष्य की सुरक्षित और समृद्ध खेती की दिशा तय कर सकेंगे।
चौहान ने आज क्षेत्र के रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ वर्चुअल चर्चा में विस्तार से मेले की रूपरेखा साझा की और उनसे अपील की कि वे प्रत्येक गाँव से अधिक से अधिक किसानों, महिला स्व‑सहायता समूहों और एफपीओ सदस्यों को मेला स्थल तक लाने के लिए सहभागी बनें। हजारों किसान इस आयोजन में शामिल होकर लाभान्वित होंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सरपंच इसे अपने गाँव का मिशन बना लें तो यह मेला किसानों की भागीदारी वाला लोक‑उत्सव बन जाएगा, जो आने वाले वर्षों की खेती की दिशा तय करेगा।
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