ईडी की बड़ी कार्रवाई: पठानकोट अवैध रेत खनन मामले में 16 ठिकानों पर छापेमारी; ₹1.75 करोड़ नकद जब्त और ₹91.34 लाख बैंक खाते फ्रीज

जालंधर/पठानकोट, 22 जुलाई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ईडी जालंधर जोनल कार्यालय की टीम ने 16 जुलाई 2026 को पठानकोट जिले के ग्राम भटियां (गोल पंचायत) में शामलात (सामान्य) भूमि पर अवैध रेत खनन मामले में 16 विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

यह पूरा मामला तत्कालीन अपर-उपायुक्त (ADC) कुलदीप सिंह द्वारा पारित एक विवादित आदेश के जरिए शामलात भूमि को निजी लोगों के नाम अवैध रूप से हस्तांतरित करने से जुड़ा हुआ है।

₹1.75 करोड़ कैश जब्त, ₹91.34 लाख बैंक डिपॉजिट फ्रीज

ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान कई संदिग्ध व अपराध-संकेती दस्तावेज बरामद किए गए हैं। कार्रवाई में ईडी ने:

  • ₹1.75 करोड़ की अघोषित नकदी (Unaccounted Cash) जब्त की है।

  • ₹91,34,322 की राशि वाले विभिन्न बैंक खातों पर PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीजिंग आदेश जारी किए हैं।

रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले दिया था विवादित आदेश

ईडी के अनुसार, यह जांच विजिलेंस ब्यूरो (अमृतसर) द्वारा कुलदीप सिंह और 8 अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी।

अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास रावी नदी तट स्थित इस भूमि पर तत्कालीन एडीसी कुलदीप सिंह की नियुक्ति राज्य सरकार के एक मंत्री की सिफारिश पर उनकी सेवानिवृत्ति से महज 4 दिन पहले की गई थी। उन्होंने अपने रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले इस सरकारी भूमि को निजी हाथों में सौंपने का विवादित आदेश पारित किया था।

स्टोन क्रशरों पर कसा शिकंजा, बिना नंबर प्लेट के चल रहे थे ट्रक

छापेमारी के दौरान मैसर्स श्री साई स्टोन क्रशर एंड स्क्रीनर, मैसर्स शिव शंकर स्टोन क्रशर और उनसे जुड़ी संस्थाओं व प्रबंधकों के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।

जांच में सामने आया कि बिना किसी वैध प्राधिकरण, टैक्स या रॉयल्टी का भुगतान किए रात के समय बिना नंबर प्लेट वाले ट्रकों/टिपरों के जरिए संगठित तरीके से अवैध खनन, बिक्री और परिवहन किया जा रहा था। इस अवैध गतिविधि में राज्य सरकार के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिन्होंने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा

प्रेस विज्ञप्ति में ईडी ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिका (CWP-22567-2012) के आदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि कोर्ट ने भी माना था कि सीमाओं पर रावी नदी पार खनन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। यह गतिविधि आईएसआई (ISI) पोषित तस्करों, आतंकवादियों और देशविरोधी तत्वों को मदद पहुंचाती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने अवैध खनन की वैज्ञानिक जांच के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) से भी मदद मांगी है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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