₹1400 करोड़ का SKNL बैंक घोटाला: ED ने अलीबाग (महाराष्ट्र) में 60 करोड़ से अधिक की 'अरेबियन सी-फेसिंग' लग्जरी प्रॉपर्टी की कुर्क
मुम्बई, 11 जून (अन्नू): देश के बड़े बैंकिंग घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ आर्थिक अपराध जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। ईडी की इंदौर इकाई ने ₹1,400 करोड़ रुपये के मशहूर 'एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड' (S. Kumars Nationwide Limited - SKNL) बैंक धोखाधड़ी मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित एक बेहद महंगी और आलीशान अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (Provisionally Attach) कर लिया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, कुर्क की गई यह संपत्ति अलीबाग के पास मुरुद, रायगढ़ (महाराष्ट्र) में स्थित एक आलीशान 'अरेबियन सी-फेसिंग' (समुद्र की तरफ मुख वाली) लग्जरी प्रॉपर्टी है। वर्तमान बाजार में इस इम्मूवेबल प्रॉपर्टी की अनुमानित कीमत ₹60 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
बैंकों के कंसोर्टियम से मिले लोन को शेल कंपनियों में किया डायवर्ट
ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच एस. कुमार्स (SKNL) कंपनी और उसके प्रमोटरों द्वारा बैंकों के एक बड़े समूह (Consortium of Banks) के साथ की गई ₹1,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी है।
जांच में सामने आया कि कंपनी के तत्कालीन चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नितिन शंभूकुमार कासलीवाल ने इस महाघोटाले को अंजाम देने के लिए एक बेहद जटिल वित्तीय जाल बुना था। जब SKNL कंपनी ने विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के कंसोर्टियम से व्यापार विस्तार के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाएं (लोन फंड) हासिल कीं, तो नितिन कासलीवाल ने उस पैसे का इस्तेमाल कंपनी के काम में करने के बजाय उसे अपने और अपने परिवार के नियंत्रण वाली मुखौटा (शेल) कंपनियों और आपस में जुड़ी संस्थाओं के एक नेटवर्क में डायवर्ट (पारगमन) और लेयर करना शुरू कर दिया।
लोन के पैसे से समंदर किनारे खड़ा किया 'ऐश-ओ-आराम' का साम्राज्य
ईडी की तफ्तीश में यह पूरी तरह साबित हो गया है कि बैंकों से धोखाधड़ी कर जो करोड़ों रुपये डायवर्ट किए गए थे (जिसे कानूनी भाषा में 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' यानी अपराध की कमाई कहा जाता है), उसी फंड के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल कासलीवाल ने निजी ऐश-ओ-आराम के लिए मुरुद (अलीबाग) में इस बेहद कीमती समुद्र के सामने वाली जमीन को खरीदने और उस पर आलीशान विला/प्रॉपर्टी का निर्माण करने के लिए किया था। सीधे तौर पर बैंक के पैसों की इस लॉन्ड्रिंग का पुख्ता सबूत मिलने के बाद ईडी ने इस पर अपना सरकारी बोर्ड लगा दिया है।
लंदन में बकिंघम पैलेस के पास भी ईडी ने जब्त की थी ₹119 करोड़ की प्रॉपर्टी
नितिन कासलीवाल और एस. कुमार्स ग्रुप के विदेशी वित्तीय साम्राज्य पर किए गए प्रहार की जानकारी देते हुए ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज में एक और बड़ा खुलासा किया है:
लंदन में छापेमारी और जब्ती: इससे पहले ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गहराई से जांच करते हुए 23 दिसंबर 2025 को PMLA की धारा 17 के तहत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
ऑफशोर ट्रस्ट का पर्दाफाश: इस सर्च ऑपरेशन के दौरान ईडी को विदेशों में छिपाई गई संपत्तियों और ऑफशोर ट्रस्ट व शेल कंपनियों के गुप्त स्ट्रक्चर से जुड़े बेहद अहम डिजिटल सबूत मिले थे।
बकिंघम पैलेस के पास जब्ती: इन सबूतों के आधार पर ईडी इंदौर की टीम ने पूर्व में यूनाइटेड किंगडम (UK) की राजधानी लंदन में स्थित विश्वप्रसिद्ध बकिंघम पैलेस (Buckingham Palace) के पास एक अत्यंत बेशकीमती हाई-वैल्यू प्रॉपर्टी को सफलतापूर्वक अटैच किया था। लंदन की इस कुर्क की गई संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग ₹119.55 करोड़ रुपये है।
ईडी ने प्रेस रिलीज के अंत में साफ किया है कि बैंकों के समूह के साथ की गई इस ₹1,400 करोड़ की महाधोखाधड़ी में शामिल अन्य सह-आरोपियों, बेनामीदारों और देश-विदेश में फैली अन्य संपत्तियों (Proceeds of Crime) की पहचान करने व उन्हें वित्तीय रूप से लॉक करने के लिए आगे की जांच (Further Investigation) बेहद आक्रामक तरीके से जारी है।
#EDAction #SKNLBankFraud #NitinKasliwal #PropertyAttached #AlibaugProperty #SeaFacingLuxury #MoneyLaunderingBusted #EDIndore #PMLACase #LondonPropertyFrozen #BreakingNews #DanikKhabar
Previous
कंबोडिया से संचालित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का ED ने किया भंडाफोड़: राजस्थान और पंजाब के 7 ठिकानों पर छापेमारी, 36,000 सिम कार्ड का सनसनीखेज खुलासा
Next