किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: खाद्य मंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 14 जून, भोपाल।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर जिले के गंभीररिया जिले के लक्ष्मी नगर स्थित देव प्रभाकर हाउस में गेहूं की खरीद में हुई गंभीर अनियमितताओं और किसानों के हितों के साथ छेड़छाड़ के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को तत्काल सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर, मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही के लिए सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल को सागर जिले के प्रभार से हटाकर भोपाल मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कलेक्टर सागर को खाद्य विभाग के अतिरिक्त राजस्व के लिए जिम्मेदार अन्य विभागों के कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की मेहनत और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खरीद प्रक्रिया में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी, संगठन या समूह लापरवाही या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बोरियों में गेहूं के साथ मिट्टी मिलाने का मामला
जिले के एक गोदाम में गेहूं की बोरियों में भारी मात्रा में मिट्टी मिलने का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच में कुछ बोरियों में गड़बड़ी पाई गई। यह पुष्टि हुई कि बोरियों में गेहूं की जगह अत्यधिक मात्रा में मिट्टी भरी हुई थी। जानकारी के अनुसार, कुछ बोरियों में मिट्टी की मात्रा अधिक पाई गई। खाद्य मंत्री राजपूत के निर्देश पर प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की और संबंधित स्वयं सहायता समूहों के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही, पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी कर रही है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने, उनकी आय बढ़ाने और कृषि प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति किसानों के अधिकारों का हनन करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, किसान ही हमारे जीवनयापन का आधार हैं। जिन्होंने भी उनकी मेहनत और विश्वास पर चोट पहुंचाई है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गेहूं की खरीद में अनियमितता एक बेहद गंभीर मामला है। मैंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या अन्य व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
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