दिल्ली पुलिस का साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार: 'डिजिटल अरेस्ट' और निवेश धोखाधड़ी के अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने संगठित साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए 47.74 लाख रुपये हड़पने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरोह के सदस्य कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर पीड़ितों को जांच या गिरफ्तारी का डर दिखाते थे और 'सत्यापन' के नाम पर उनसे पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी गौतम सिंह (25) और फरहान (30) को गिरफ्तार किया है। गौतम ने महज 15,000 रुपये के कमीशन के लिए अपनी बैंक किट और सिम कार्ड गिरोह को सौंप दिए थे।
म्यूल बैंक अकाउंट्स का फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया कि ठगी गई राशि का एक बड़ा हिस्सा (18.74 लाख रुपये) गौतम सिंह के बैंक खाते में भेजा गया था। आरोपी दिल्ली के पहाड़गंज स्थित एक होटल से इन खातों का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें इस अवैध नेटवर्क से जुड़ी व्हाट्सएप चैट मिली हैं। गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों के बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) का उपयोग कमीशन के बदले करते थे ताकि वे मुख्य सरगना तक पहुँचने से बच सकें।
35 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में एक आरोपी काबू
एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, साइबर सेल ने 35 लाख रुपये की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी अंकुश को उत्तर प्रदेश के बागपत (बड़ौत) से गिरफ्तार किया है। ठगों ने पीड़ित को ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफे का लालच दिया था। इस ठगी की पूरी राशि दिल्ली में पंजीकृत एक फर्जी फर्म के बैंक खाते में जमा कराई गई थी। अंकुश ने स्वीकार किया कि उसने अपने इलाके के एक व्यक्ति के कहने पर यह फर्जी फर्म और बैंक खाता खोला था, जिसका उपयोग बाद में धोखाधड़ी के लिए किया गया।
दिल्ली पुलिस की नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी
इन मामलों की सफलता का नेतृत्व एसीपी पाटिल स्वागत राजकुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार और इंस्पेक्टर अरविंद कुमार की टीमों ने किया। पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन और बैंक किट बरामद की हैं। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर आने वाले अनजान निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर 'डिजिटल अरेस्ट' के डर में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।
#CyberCrime #DelhiPolice #DigitalArrest #FraudAlert #CyberCell #CrimeBranch #OnlineScam #InterstateNetwork #DanikKhabar
Previous
सीबीआई का बड़ा एक्शन: थाईलैंड से डिपोर्ट कर भारत लाया गया हरियाणा का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर साहिल चौहान
Next