सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था अब पी.पी.पी. मोड पर; मुस्तैदी में कोताही बर्दाश्त नहीं : स्वास्थ्य मंत्री

अभिकांत अम्बाला, 3 जून 2026 : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को विश्वस्तरीय और चाक-चौबंद बनाने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकारी नागरिक अस्पतालों (सिविल हॉस्पिटल्स) में अब साफ-सफाई (Sanitation) और सुरक्षा व्यवस्था (Security) को पी.पी.पी. (Public-Private Partnership - पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालित करवाया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण निर्णय का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में आने वाले मरीजों को स्वच्छ वातावरण देना और डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को पूरी तरह पुख्ता करना है।

लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर गिरेगी गाज

स्वास्थ्य मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग आमजन की सहूलियत और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। पी.पी.पी. मोड के तहत जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनियों के लिए कड़े नियम व शर्तें तय की जाएंगी:

  • नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण: अस्पतालों के प्रशासनिक अधिकारियों को रोज साफ-सफाई और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की रिपोर्ट जांचनी होगी।

  • कोताही पर भारी जुर्माना: यदि किसी भी विंग या वार्ड में गंदगी पाई जाती है या सुरक्षा व्यवस्था में ढील के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित आउटसोर्स एजेंसी या कंपनी के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनका टेंडर तुरंत निरस्त कर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

मरीजों की सुविधा और स्टाफ की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

आरती सिंह राव ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए मौजूदा आंतरिक व्यवस्था पर काम का बोझ काफी बढ़ गया था। नई व्यवस्था के तहत:

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अस्पतालों में अक्सर तीमारदारों और डॉक्टरों के बीच होने वाले विवादों व सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रोफेशनल सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया जाएगा, जो चौबीसों घंटे हर संवेदनशील वार्ड पर नजर रखेंगी।

  • संक्रमण मुक्त होंगे वार्ड: मरीजों को इन्फेक्शन (संक्रमण) से बचाने के लिए अस्पतालों की साफ-सफाई में आधुनिक मशीनों और उच्च गुणवत्ता वाले कीटाणुनाशकों का उपयोग अनिवार्य किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री के इस कदम से आने वाले दिनों में हरियाणा के सरकारी अस्पतालों की तस्वीर बदलने और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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