18/03/25

सुक्खू सरकार का गांवों पर फोकस, कर्मचारियों को डीए का तोहफा

हिमाचल, 18 मार्च (अभी): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बतौर वित्त मंत्री सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। सुक्खू ने अपने तीसरे वार्षिक बजट में जहां ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस किया, वहीं कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों को भी लुभाने का प्रयास किया है। उन्होंने लगभग एक दर्जन नयी योजनाओं का घोषणा की। बजट में किसी प्रकार के नये टैक्स का प्रावधान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने गाय के दूध का समर्थन मूल्य 45 से बढ़ाकर 51 रुपये और भैंस के दूध का समर्थन मूल्य 55 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की। उन्होंने प्राकृतिक रूप से उगाई गयी मक्की का समर्थन मूल्य 30 से बढ़ाकर 40 रुपये और गेहूं का 40 से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो करने की घोषणा की। सीएम ने प्राकृतिक रूप से उगाई गयी हल्दी 90 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदने का भी ऐलान किया।

कृषि ऋणों के कारण जमीन की नीलामी के कगार पर पहुंच चुके किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘एग्रीकल्चर लोन इंटरेस्ट सबवेंशन’ योजना शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत सरकार वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी के जरिये ऐसे किसानों के मूलधन पर लगने वाले ब्याज का 50 फीसदी वहन करेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को डीए की तीन फीसदी की किस्त जारी करने और 70 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार एरियर जारी करने का ऐलान किया। इस भुगतान की शुरुआत 15 मई से होगी। उन्होंने प्रदेश सरकार के सभी श्रेणी के कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके बकाया वेतन एरियर का चरणबद्ध ढंग से भुगतान का भी ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्य को कुल 42,343 करोड़ आय, जबकि खर्चे 48,733 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। राजस्व घाटा 6390 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि राजकोषीय घाटा 10,338 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद का 4.04 फीसदी है।

Previous

आउटसोर्स भर्तियों पर रोक बरकरार, हाईकोर्ट में होगी मामले की सुनवाई; SC ने किया याचिका का निपटारा

Next

हिमाचल : 23 मार्च को होगी BRCC के 282 पदों के लिए लिखित परीक्षा