हरियाणा में सुशासन का अभिन्न अंग बनेगी ड्रोन तकनीक: AI से अवैध निर्माण, खनन और प्रदूषण की होगी सख्त निगरानी

अभिकांत चंडीगढ़, 3 अगस्त 2026 : हरियाणा में पारदर्शी प्रशासन और बेहतर नागरिक सेवाओं के लिए ड्रोन प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में अवैध निर्माण, अवैध खनन, अवसंरचना प्रबंधन तथा प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और हाई-रेजोल्यूशन भू-स्थानिक मैपिंग का सहारा लिया जा रहा है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 'ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा' (दृश्या) के निदेशक मंडल की बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद, हिसार, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का डिजिटल मानचित्रण पूरा हो चुका है, जिससे अवैध निर्माण की पहचान आसान होगी।

बैठक में क्रिड के आयुक्त जे. गणेशन ने बताया कि गुरुग्राम में सड़क नेटवर्क व 60 हजार मैनहोल का सेंटीमीटर-स्तरीय जियो-टैगिंग कार्य जारी है। इसके अलावा, खानक स्टोन माइंस में वैज्ञानिक खनन निगरानी, 16 नगर परिषदों में लिगेसी वेस्ट का आकलन और प्रदूषण नियंत्रण हेतु नालों का थर्मल सर्वेक्षण किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे करने के आदेश दिए।

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