फतेहाबाद के बीघड़ में दर्दनाक हादसा: नहर में नहाते समय डूबा 17 वर्षीय इकलौता बेटा, बचाने उतरा पिता भी पानी के तेज बहाव में बहा
अभिकान्त, 5 जुलाई, फतेहाबाद: हरियाणा के फतेहाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले गांव बीघड़ में शनिवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक और कलेजा कँपा देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ एक पॉल्ट्री फार्म पर काम करने वाले नेपाल मूल के पिता-पुत्र नहर में नहाते समय पानी के बेहद तेज बहाव की चपेट में आ गए और देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में बह गए।
हादसे की चीख-पुकार सुनकर पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत भारी अमले के साथ मौके पर पहुंचा। स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। मामले की गंभीरता और खतरे को देखते हुए हिसार से स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की विशेष रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया है।
बेटे को डूबता देख पिता ने लगा दी थी छलांग, साथी पीछे हटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से नेपाल के रहने वाले विष्णु अपनी पत्नी के साथ गांव बीघड़ में पूर्व सरपंच के बेटे सोनू के पॉल्ट्री फार्म पर मजदूरी का काम करते थे। शनिवार दोपहर बाद विष्णु, उनका 17 वर्षीय बेटा सुभाष और उनका एक अन्य नेपाली साथी बीरु गर्मी से राहत पाने के लिए पास ही स्थित नहर पर नहाने के लिए गए हुए थे।
नहाने के दौरान अचानक पैर फिसलने या अंदाजा न मिलने के कारण 17 वर्षीय सुभाष गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। चश्मदीद साथी बीरु के मुताबिक, सुभाष को पानी में डूबता और जिंदगी की जंग लड़ता देख उसके पिता विष्णु और खुद बीरु ने बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए नहर के तेज बहाव में छलांग लगा दी।
एक साथी सुरक्षित बाहर आया: नहर में पानी का बहाव और करंट बेहद खतरनाक था। जब सुभाष को बचाने के तमाम प्रयास पूरी तरह असफल साबित हुए और खुद की जान पर बन आई, तो साथी बीरु समझदारी दिखाते हुए समय रहते पीछे हट गया और तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आया।
आखिरी सांस तक लड़ा पिता: लेकिन एक बेबस पिता विष्णु अपने कलेजे के टुकड़े को मौत के मुंह में अकेला कैसे छोड़ देता। वह आखिरी सांस तक पानी के जानलेवा थपेड़ों से जूझता रहा और अपने बेटे को पकड़ने की कोशिश करता रहा। आखिरकार, पानी की बेरहम लहरों के सामने पिता की ममता हार गई और दोनों बाप-बेटे देखते ही देखते आंखों के सामने पानी में विलीन हो गए।
सिर्फ 10 दिन पहले ही नेपाल से आया था बेटा, खुशियां मातम में बदलीं
पॉल्ट्री फार्म के संचालक सोनू ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बताया कि विष्णु के दो बेटे हैं, जिनमें से एक बड़ा बेटा अभी भी नेपाल में ही रहकर पढ़ाई या काम करता है। कुछ समय पहले विष्णु की पत्नी अपने पैतृक गांव नेपाल गई हुई थी। वह करीब 10 दिन पहले ही वहां से वापस काम पर लौटी थी और इस बार अपने साथ छोटे बेटे सुभाष (17) को भी ले आई थी।
विष्णु के छोटे बेटे के आने से पॉल्ट्री फार्म पर बने उनके आशियाने में खुशियों का माहौल था और माता-पिता अपने बच्चे के साथ बेहद खुश थे। लेकिन किसे पता था कि परिवार की यह खुशियां महज 10 दिनों की मेहमान हैं। इस भयानक और रूह कँपा देने वाले हादसे ने हँसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ कर रख दिया है। हादसे के बाद से विष्णु की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेहोश हो रही है।
हिसार से बुलाई गई SDRF की टीम, सर्च ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर गोताखोरों को नहर में उतारा और जाल डालकर सर्च अभियान शुरू करवाया। हालांकि, नहर में पानी का डिस्चार्ज और बहाव बहुत ज्यादा होने के कारण स्थानीय गोताखोरों को रेस्क्यू करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इसी वजह से प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए हिसार से 'स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स' (SDRF) की विशेष आपदा राहत टीम को तुरंत मौके पर बुलाया। खबर लिखे जाने तक, SDRF के कुशल गोताखोर आधुनिक उपकरणों और बोट्स की मदद से नहर के कई किलोमीटर लंबे दायरे में दोनों बाप-बेटे की सरगर्मी से तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक पानी के भीतर से उनका कोई सुराग या डेडबॉडी बरामद नहीं हो सकी थी।
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