CBI की बड़ी कार्रवाई: 231 करोड़ रुपये से अधिक के दो बैंक धोखाधड़ी मामलों में महाराष्ट्र और गुजरात में ताबड़तोड़ छापेमारी

नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्‍नू): केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने 231 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से जुड़े दो अलग-अलग बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) के मामलों में एक बड़ी समन्वित कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई की बैंकिंग धोखाधड़ी और प्रतिभूति प्रभाग (BSFB), बेंगलुरु द्वारा दर्ज किए गए इन दोनों मामलों के सिलसिले में शनिवार (4 जुलाई) को महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान (Searches) चलाया गया।

पहला मामला: 'आर एल ज्वेल्स लिमिटेड' ने एसबीआई को लगाया ₹103.58 करोड़ का घाटा

सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पहला आपराधिक मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), मुंबई की शिकायत के आधार पर मेसर्स आर एल ज्वेल्स लिमिटेड (M/s R L Jewels Ltd), इसके निदेशकों और कुछ अज्ञात लोक सेवकों (Public Servants) के खिलाफ दर्ज किया गया है।

  • आरोप: कंपनी और उसके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और संपत्ति के गबन का आरोप है, जिसके कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को ₹103.58 करोड़ का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

  • फर्जीवाड़ा: एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत बैंक फंड का दुरुपयोग किया, अन्य बैंकों के चालू खातों (Current Accounts) के जरिए पैसों को डायवर्ट किया और बैंक को गुमराह करने के लिए बही-खातों व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स में बड़े पैमाने पर हेरफेर और जालसाजी की।

दूसरा मामला: 'आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड' पर ₹128.23 करोड़ के फ्रॉड का केस

सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, दूसरा मामला केनरा बैंक (Canara Bank) की शिकायत पर मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड (M/s Ashapura Garments Ltd), इसके निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है।

  • आरोप: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के निदेशकों ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम (समूह) के साथ धोखाधड़ी करने के लिए आपराधिक साजिश रची और बैंकों को ₹128.23 करोड़ का चूना लगाया।

  • फंड की हेराफेरी: आरोपियों ने टेक्सटाइल (कपड़ा) कारोबार के संचालन के लिए बैंक से स्वीकृत कराई गई क्रेडिट सुविधाओं और लोन की राशि को मुख्य बिजनेस में लगाने के बजाय उसे स्टील, एल्युमिनियम और कोयले का कारोबार करने वाली अन्य संस्थाओं में डायवर्ट कर दिया।

महाराष्ट्र और गुजरात में छापेमारी, मिले अहम डिजिटल सबूत

सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान सीबीआई की टीमों ने महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में फैले कई रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई के तहत दोनों आरोपी कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसरों (Residential Properties), उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और मेसर्स आर एल ज्वेल्स लिमिटेड व मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड के आधिकारिक दफ्तरों को पूरी तरह खंगाला गया।

इस सघन तलाशी के दौरान सीबीआई ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज (Incriminating Documents) और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं, जिनमें फंड डायवर्जन और वित्तीय हेराफेरी से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि इस पूरी बैंकिंग साजिश के विस्तार, फंड के प्रवाह (Flow of funds) और इसमें शामिल सभी चेहरों की भूमिका का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके। सीबीआई ने बताया कि मामलों की आगे की तफ्तीश लगातार जारी है।

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