23/02/26

जीएमएन कॉलेज में गूंजी मातृभाषा की महत्ता: "भारतीय ज्ञान परम्परा" पर विद्वानों और विद्यार्थियों ने किया गहरा मंथन

जे कुमार अम्बाला छावनी, 23 फरवरी 2026: गांधी मेमोरियल नेशनल (जीएमएन) कॉलेज में 'भारतीय ज्ञान परंपरा अध्ययन प्रकोष्ठ' (IKS) और सभी भाषाई विभागों के साझा प्रयासों से “भारतीय ज्ञान परम्परा और मातृ भाषाएं” विषय पर एक प्रभावशाली संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और शिक्षा के क्षेत्र में मातृभाषा की अनिवार्य भूमिका को रेखांकित करना था। संगोष्ठी के दौरान प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने विस्तार से चर्चा की कि कैसे भारतीय ज्ञान की समृद्ध विरासत हमारी स्थानीय भाषाओं में रची-बसी है।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने अपने संबोधन में कहा कि मातृ भाषाएं केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि हमारे मूल्यों और बौद्धिक विरासत की असली वाहक हैं। आई.के.एस. इकाई के अध्यक्ष डॉ. अनीश ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मौलिक चिंतन और अनुसंधान के लिए अपनी भाषा में अभिव्यक्ति सबसे सशक्त माध्यम है। इस दौरान कॉलेज के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में यह सामूहिक संकल्प लिया गया कि भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन और मातृ भाषाओं के प्रचार-प्रसार के लिए कॉलेज निरंतर अकादमिक और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देता रहेगा।

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