11/10/25

दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन एवं व्यापारियों का समन्वय बनेगा मिसाल

एन.एस.बाछल, 11 अक्तूबर, जयपुर।

आगामी पांच दिवसीय दीपोत्सव की तैयारियों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन मुस्तैद है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने शुक्रवार को दीपोत्सव की व्यापक तैयारियों को लेकर जयपुर के विभिन्न व्यापार मंडलों, बाजार संघों एवं औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जयपुर के करीब 50 व्यापारिक संघों, संगठनों एवं मंडलों के 160 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने शिरकत की। बैठक दीपोत्सव की तैयारियों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा हुई। बैठक में बताया गया कि दीपावली केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि “टीम जयपुर” की सामूहिक भावना और शहर की जीवंत संस्कृति का उत्सव है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जयपुर की पहचान “रोशनी का शहर” के रूप में कायम रखने हेतु सभी विभागों, व्यापारिक संगठनों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।

जिला कलक्टर ने दीपोत्सव के दौरान शहर में स्वच्छता, सौंदर्य, सुरक्षा, यातायात, बिजली आपूर्ति, अग्निशमन, स्वास्थ्य सेवाओं, पार्किंग प्रबंधन और अतिक्रमण नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों को विशेष तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिये कि दीपावली के दौरान शहर में प्रतिदिन लाखों नागरिक और पर्यटक बाजारों में आते हैं, ऐसे में सभी एजेंसियों को सामूहिक समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना होगा ताकि कोई असुविधा न हो।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को दीपोत्सव से पहले शहर की सभी सड़कों की मरम्मत करने के निर्देश दिये। उन्होंने जयपुर नगर निगम (ग्रेटर एवं हैरिटेज) को बाजारों में स्वच्छता एवं सफाई की विशेष व्यवस्था करने, सड़कों पर जमा कचरा और अतिक्रमण तत्काल हटाने के निर्देश दिए। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर सौंदर्यकरण, रंगीन लाइटिंग और सजावट के लिए कहा गया। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) को सतत बिजली आपूर्ति और खराब तारों/ट्रांसफॉर्मरों की पूर्व जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को बाजार क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और एम्बुलेंस की व्यवस्था रखने, वहीं पुलिस और यातायात विभाग को बाजारों में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, और ट्रैफिक डायवर्जन की पूर्व योजना बनाने को कहा गया। अग्निशमन विभाग को मुख्य बाजारों में फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

व्यापारियों ने दीपोत्सव के दौरान बाजारों में बिजली आपूर्ति, पार्किंग स्थल, यातायात नियंत्रण, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, कचरा निस्तारण, अस्थायी फूड स्टॉल नियंत्रण, एवं सुरक्षा प्रबंधन को लेकर अपने व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ नियमित संवाद और साझा जिम्मेदारी से जयपुर के दीपोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनाया जा सकता है।

अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर- दक्षिण) युगांतर शर्मा ने कहा कि दीपोत्सव केवल रोशनी और सजावट का उत्सव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, अनुशासन, स्वच्छता और नागरिक चेतना का पर्व है। उन्होंने कहा कि जयपुर वासियों के सहयोग से इस बार का दीपोत्सव पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा उपयोग की दिशा में भी उदाहरण बनेगा। उन्होंने बाजारों में ‘ग्रीन दिवाली’ की भावना को अपनाने, पटाखों के सीमित उपयोग, प्लास्टिक मुक्त सजावट और ऊर्जा-संवेदनशील रोशनी के प्रयोग का आग्रह किया। बैठक में जानकारी दी गई कि दीपोत्सव के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की स्थिति में जिला कलेक्ट्रेट स्थित जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष में संपर्क किया जा सकता है। जहां किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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