05/08/25

सड़कों पर बेसहारा गौवंश के रख-रखाव गोशाला मे करनी है, गोशाला मंडल की डीसी ने ली बैठक

जे कुमार अम्बाला, 5 अगस्त : सड़कों पर जो भी बेसहारा गौवंश है उसे हमें गौशालाओं में रखने की व्यवस्था करनी है। जिले में स्थापित गौशालाओं के प्रतिनिधि गौशालाओं का बेहतर तरीके से संचालन कर रहे हैं। जब भी प्रशासन द्वारा उनसे सहयोग की अपेक्षा की जाती है वह उस कार्य को आगे आकर करते हैं। जी बात डीसी अजय सिंह तोमर ने आज अपने कार्यालय में गऊशालाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए कही | उन्होने कहा कि सड़क पर जो भी बेसहारा गौवंश है, उसे गौशालाओं में रखने बारे आग्रह करते हुए कहा कि इस कार्य को बेहतर समन्वय के साथ करें ताकि जिले को स्टे कैटल फ्री करने की दिशा में कार्य किया जा सके।


डीसी अजय सिंह तोमर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि नगर निगम, नगर परिषद, नगरपालिका व पशुपालन विभाग इस कार्य को करते हुए गौशालाओं की क्षमता अनुसार उन्होंने जो सूची डीसी कार्यालय या सम्बन्धित विभाग को सौंपी है वहां भिजवाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्य हमें सेवाभाव के साथ करते हुए जिले को स्टे कैटल फ्री करने की दिशा में काम करना है।


डीसी ने कहा कि गौशालाओं के प्रतिनिधियों द्वारा बैठक से पहले जो सूची सौंपी थी वह भी सराहनीय है और बैठक के दौरान चर्चा के बाद उन्होंने अपनी गौशालाओं में गौवंश को रखने की सूची को बढाया है जोकि सेवा भाव का परिचय है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें इस कार्य को बेहतर समन्वय के साथ सभी के सहयोग के साथ करना है। जिला प्रशासन द्वारा जो भी सहयोग होगा वह प्राथमिकता से किया जाएगा। बैठक के दौरान जिले से आए गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने गौशालाओं में शैड की व्यवस्था, अनुदान की राशि बारे तथा अन्य इससे जुड़ी कुछ समस्याएं भी डीसी के समक्ष रखी। डीसी ने गौशालाओं के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जिला स्तर पर जो भी समस्याओं का हल होगा वह प्राथमिकता से किया जाएगा और जो मुख्यालय स्तर की होंगी उसे मुख्यालय भिजवाया जाएगा ताकि इन समस्याओं का भी प्राथमिकता से समाधान हो और गौशालाओं में गौवंश को रखने के कार्य में और सुगमता आ सके।


डीसी ने यह भी कहा कि गौसेवा आयोग द्वारा भी समय-समय पर गौशालाओं के संचालन के लिए अनुदान की राशि दी जाती है और इसके साथ-साथ गौशालाओं के प्रतिनिधि अपने स्तर पर गौशालाओं का बेहतर संचालन करते हैं। यह सब कार्य आपसी समन्वय के साथ होता है जोकि काबिलेतारीफ है। उन्होने यह भी कहा कि कुछ गौशालाओं ने बेसहारा गौवंश को लेने का काम भी शुरू कर दिया है। गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने डीसी को आश्वस्त किया कि बेसहारा गौवंश को लेने की दिशा में वह बेहतर कार्य करेंगे और जिला प्रशासन के सहयोग से स्टे कैटल फ्री करने की दिशा में अपना सहयोग देंगे। बैठक में नगर निगम कमीशनर विरेन्द्र लाठर, एएमसी दीपक सूरा, पशुपालन विभाग के उप निदेशक डा. अनिल बरनवाल, ईओ नगर परिषद देवेन्द्र नरवाल के साथ-साथ गौशालाओं के प्रतिनिधि जिनमें सुमन, देवीदयाल शर्मा, सोनू के साथ-साथ अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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