महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के डिसेबिलिटी स्टडीज सेंटर में साइन लैंग्वेज डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए एडमिशन जारी
चंडीगढ़, 03 जुलाई (अभी) - महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक के सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज में सत्र 2025-26 में डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज और डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रमों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। इच्छुक विद्यार्थी 12 जुलाई तक रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय एमडीयू को प्रथम चॉइस सेंटर के रूप में चयनित करना जरूरी है।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज और डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि इंडियन साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों की देशभर में भारी मांग है। यह कोर्स न केवल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में सहायक है, बल्कि रोजगार के नए द्वार भी खोलता है।
उन्होंने बताया कि डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज पाठ्यक्रम में 20 सीटें तथा डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रम में 30 सीटें उपलब्ध हैं। जिनमें एडमिशन के लिए आरसीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://nber-rehabcouncil.gov.in/ और https://rehabcouncil.in/ पर 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के दौरान एमडीयू के सीडीएस को प्रथम चॉइस सेंटर के रूप में चयनित करना जरूरी है।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने आगे बताया कि वर्ष 2024 में इन पाठ्यक्रमों के प्रथम बैच के पास आउट विद्यार्थियों ने शिक्षा, सामाजिक सेवा और कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में बेहतर करियर निर्माण किया है। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित ये पाठ्यक्रम दिव्यांगजनों के प्रति समाज में संवेदनशीलता और समावेशिता की दिशा में भी एक बड़ा कदम हैं। कोर्स से जुड़ी अधिक जानकारी व आवेदन के लिए अभ्यर्थी आरसीआई की वेबसाइट पर विजिट करें और समय रहते आवेदन सुनिश्चित करें।
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