बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला: ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पूर्व स्पेशल असिस्टेंट को 7 साल की कैद और 4.3 लाख रुपये जुर्माना

नई दिल्ली/जयपुर, 02 सितंबर  (अन्‍नू): CBI द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, जयपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने 1 सितंबर 2026 को बैंक धोखाधड़ी के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राजस्थान के दौसा जिले में स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (लालसोट शाखा) के तत्कालीन स्पेशल असिस्टेंट मुरारी लाल मीणा को दोषी ठहराते हुए 7 साल की सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) और 4,30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

अनाधिकृत "नो ड्यूज सर्टिफिकेट" जारी कर बैंक को पहुंचाया ₹83.69 लाख का नुकसान

सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की शिकायत पर 20 दिसंबर 2017 को यह मामला दर्ज किया था। जांच में पाया गया कि आरोपी मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 25 ऋण खातों पर बकाया लोन होने के बावजूद अनाधिकृत (unauthorized) "नो ड्यूज सर्टिफिकेट" जारी किए थे। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने बंधक (mortgaged) रखी गई सिक्योरिटीज को छुड़ाने में मदद की और बैंक को कुल 83,69,495 रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

चार्जशीट और मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने सुनाया फैसला

सीबीआई ने मामले की गहन जांच पूरी करने के बाद 28 अगस्त 2019 को आरोपी मुरारी लाल मीणा के खिलाफ आरोप-पत्र (Charge-sheet) दाखिल किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2024 को अदालत द्वारा आरोप तय किए गए थे। पूरे मामले की सुनवाई (Trial) के बाद सीबीआई अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह कठोर सजा सुनाई।

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