दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी: पालम डकैती मामले में भगोड़े घोषित दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार
नई दिल्ली, 31 मई, (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। क्राइम ब्रांच की एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड (AGS) ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत दिल्ली के पालम विलेज थाना क्षेत्र में हुई एक डकैती (Robbery) के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों आरोपी अदालत द्वारा भगोड़ा यानी घोषित अपराधी (Proclaimed Offender - PO) करार दिए जा चुके थे।
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, इन दोनों की गिरफ्तारी से पालम विलेज थाने में दर्ज डकैती के एक पुराने और पेचीदा मामले को पूरी तरह से सुलझा लिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान व प्रोफाइल:
गौतम सैनी (उम्र 23 वर्ष, पुत्र महेंद्र)
मूल निवासी: फारुख नगर, हरियाणा।
वर्तमान पता: नासिरपुर-सागरपुर क्षेत्र, नई दिल्ली।
पृष्ठभूमि: 10वीं तक पढ़ा गौतम वर्ष 2005 से 2022 के बीच दिल्ली के पालम इलाके में अपने चचेरे भाई के साथ रहता था। इसी दौरान वह स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आया और डकैती के नेटवर्क में शामिल हो गया।
योगेश (उम्र 25 वर्ष, पुत्र धर्मपाल)
मूल निवासी: झज्जर, हरियाणा।
वर्तमान पता: पालम क्षेत्र, नई दिल्ली।
पृष्ठभूमि: 6वीं कक्षा तक पढ़ा योगेश भी स्थानीय बदमाशों के संपर्क में आकर इस गिरोह का हिस्सा बना। ये दोनों रात के अंधेरे में सड़कों पर अकेले निकलने वाले राहगीरों से नकदी और कीमती सामान लूटते थे।
कोर्ट ने नवंबर 2024 में घोषित किया था भगोड़ा (PO)
दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज के मुताबिक, ये दोनों आरोपी पालम विलेज थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 00604/22 (धारा 394/411/34 आईपीसी) के तहत वांछित थे। इस मामले में पहले गिरफ्तार होने के बाद इन्हें माननीय अदालत से जमानत (Bail) मिल गई थी। लेकिन बाहर आते ही दोनों आरोपियों ने जानबूझकर अदालती कार्यवाही से दूरी बना ली और पेश होना बंद कर दिया। इसके बाद द्वारका कोर्ट के विद्वान जेएमएफसी-1 श्री सौरभ गोयल की अदालत ने 8 नवंबर 2024 को आदेश जारी कर इन दोनों को 'घोषित अपराधी' (PO) मानकर वारंट जारी किया था।
एसीपी भगवती प्रसाद के सुपरविजन और इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में बनी टीम
राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में संगठित अपराध, रंगदारी और अवैध हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए डीसीपी/क्राइम ब्रांच श्री हर्ष इंदोरा (IPS) ने एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड को विशेष रूप से सक्रिय किया था।
दिनांक 29 मई 2026 को पुलिस टीम को इन भगोड़ों के ठिकाने के संबंध में एक सटीक गुप्त सूचना (मुखबिर खास) प्राप्त हुई। इसके तुरंत बाद DCP हर्ष इंदोरा (IPS) के निर्देशानुसार और ACP भगवती प्रसाद की करीबी देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल थे:
सब-इंस्पेक्टर (SI): नरेंद्र कुमार, अगम प्रसाद, मुकेश कुमार, ब्रजलाल।
सहायक उप-निरीक्षक (ASI): सुरेंद्र कुमार, दीपक, मिंटू, धर्मराज, गोविंद।
हेड कांस्टेबल (HC): पप्पू, अनूप और कांस्टेबल (Ct): धीरज।
मुखबिर के इशारे पर घेराबंदी कर दबोचा
क्राइम ब्रांच की इस समर्पित टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए संदिग्ध ठिकाने पर पूरी सतर्कता के साथ घेराबंदी की। जैसे ही दोनों आरोपी वहां पहुंचे, पुलिस टीम ने बिना मौका गंवाए गौतम सैनी और योगेश को सफलतापूर्वक दबोच लिया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनसे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस दौरान उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में और कितनी आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही उनके इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य साथियों और मददगारों की पहचान करने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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