18/04/26

राजस्थान हाईवेज मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट से प्रदेश के 14 राजमार्गों का होगा उन्नयन

एन.एस.बाछल, 18 अप्रैल, जयपुर।

डबल इंजन की सरकार द्वारा राज्य में हाईवे समेत अन्य आधारभूत ढ़ांचा संवर्धन को बड़ा बूस्ट मिला है। विश्व बैंक बोर्ड ने हाईवेज मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट में प्रदेश के 14 राजमार्गों के उन्नयन के लिए 2025 करोड़ रू. के लोन की मंजूरी दी है।

इस प्रोजेक्ट राजस्थान हाईवेज मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट (आरएचएमपी)के सम्बंध में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा की। यह परियोजना राज्य के राजमार्ग अवसंरचना, सड़क सुरक्षा एवं परिवहन प्रणाली को आधुनिक एवं  सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

परियोजना के अंतर्गत 14 राजमार्गों का उन्नयन (लगभग 926 किमी) किया जाएगा, जिनमें 5 परियोजनाएँ ईपीसी मोड तथा 9 परियोजनाएँ एचएएम मोड पर विकसित होंगी। परियोजना में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) लागू किया जाएगा, जिससे रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, बेहतर प्रवर्तन और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।

2025 करोड़ रू. के लोन की मंजूरी-

गौरतलब है कि हाल ही में विश्व बैंक बोर्ड ने आरएचएमपी) के तहत इन सड़क मार्ग परियोजनाओं के उन्नयन के लिए 2025 करोड़ रू. के लोन की स्वीकृति जारी की  है। जल्द ही विश्व बैंक, भारत सरकार के आर्थिक मामलात विभाग, राजस्थान सरकार के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा तथा राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के मध्य त्रिपक्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर होगें।

मुख्य सचिव ने परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि आरएचएमपी राज्य में सड़क सुरक्षा, अवसंरचना विकास और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा राजस्थान को एक प्रगतिशील और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

यात्रा का समय घटेगा, सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयेगी -

परियोजना के मुख्य उद्देश्य यात्रा के समय एवं सड़क दुर्घटनाआंे से होने वाली जन हानि में कमी लाना, लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार लाना, दीर्घकालीन रोड़ नेटवर्क मास्टर प्लान विकसित करना, परिसम्पत्तियों को चिन्हित कर उनका मुद्रीकरण करना, सड़क सुरक्षा प्रबन्धन क्षमता में वृद्धि करना है।

सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए “सेफ सिस्टम एप्रोच” अपनाया जाएगा, जिसमें पोस्ट-क्रैश केयर पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अंतर्गत ट्रॉमा केयर सेंटर, जीपीएस युक्त एम्बुलेंस नेटवर्क, इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम (ईआरएस) तथा “गोल्डन आवर” उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, वे-साइड सुविधाएं, ईवी चार्जिंग अवसंरचना, पीपीपी आधारित विकास, रोपवे जैसे कम-कार्बन परिवहन प्रणाली तथा वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, जयपुर एवं जोधपुर के लिए ट्रैफिक डी-कंजेशन योजनाएं, आईटीएस आधारित सार्वजनिक परिवहन और राज्य लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान भी विकसित किए जाएंगे।

इस दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, परिवहन विभाग भवानी सिंह देथा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

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