नीति आयोग ने शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की

आरएस अनेजा, 11 जुलाई नई दिल्ली - नीति आयोग ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के समरसता सभागार में शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की। इस बैठक में सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं प्रमुखों, नीति निर्माताओं ने भाग लिया और इस महत्वपूर्ण अधिनियम के परिचालन तंत्र पर विचार-विमर्श किया।

तकनीकी चर्चाएँ अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित थी जिनमें विधायी एवं नियामक ढांचा: विचार-विमर्श शांति अधिनियम के मसौदा नियमों, विनियमों और संबंधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति के प्रावधानों पर केंद्रित था जिसमें उद्घाटन तकनीकी खंड में शांति अधिनियम, 2025 के तहत संवैधानिक अनुपालन तंत्रों को प्रस्तुत किया गया और इस बात पर चर्चा की गई कि घरेलू हितों की रक्षा करते हुए विदेशी पूंजी को कैसे आकर्षित किया जा सकता है।

वित्त, बीमा और जनधारणा: हितधारकों ने अधिनियम के कार्यान्वयन में सहयोग हेतु आवश्यक वित्तीय तंत्रों और जोखिम-निवारण ढाँचों की समीक्षा की। चर्चा में दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्थाओं के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति जन जागरूकता, सामुदायिक विश्वास और व्यापक स्वीकृति को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

विनिर्माण, संचालन एवं क्षमता विकास: मुख्य ध्यान परिचालन चरण पर था जिसमें घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने, परिचालन की तैयारी सुनिश्चित करने और व्‍यवस्‍था को बनाए रखने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर बल दिया गया। हितधारकों ने आपूर्ति श्रृंखला की प्रतिरोधता बढ़ाने और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने तथा उच्च कोटि के सक्षम मानव संसाधन आधार विकसित करने के लिए समर्पित क्षमता विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा की।

 

हितधारकों ने सभी तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विविध विचार प्रस्तुत किए जो शांति अधिनियम, 2025 के कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करने में उपयोगी होंगे।

Previous

नौसेना की बढ़ी ताक़त: पूर्वी बेड़े में शामिल हुआ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 'INS महेंद्रगिरि'

Next

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय: रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य