11/08/26

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल लॉन्च किया

आरएस अनेजा, 11 अगस्त नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को आईसीएआर-आईएआरआई, पूसा में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के माध्यम से देश भर के कृषि छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और फेलोशिप फंड जारी किए।

इस पहल के तहत, 6,000 से अधिक छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे 21.35 करोड़ रुपये की कुल राशि जारी की गई। इस नई पहल की शुरुआत के साथ, कृषि छात्रों को अब अनावश्यक कठिनाइयों या देरी का सामना किए बिना डीबीटी के माध्यम से हर महीने अपनी छात्रवृत्ति राशि प्राप्त होगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को समय पर और परेशानी मुक्त तरीके से वित्तीय सहायता मिले।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि कृषि शिक्षा को मजबूत, अधिक व्यावहारिक और अवसरों से बेहतर ढंग से जोड़ने का एक साधन भी है। उन्होंने कहा कि अब डीबीटी प्रणाली लागू होने से छात्रों को समय पर सहायता मिलेगी और पारंपरिक देरी की समस्या समाप्त हो जाएगी। छात्रों को संबोधित करते हुए, श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि केवल कक्षा-आधारित शिक्षा अच्छे किसान, वैज्ञानिक या कृषि उद्यमी तैयार नहीं कर सकती है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को कक्षा से परे व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और कृषि की वास्तविकताओं को समझने के अवसरों की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों से सुधार के लिए अपने सुझाव और विचार साझा करने की भी अपील की ताकि शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा का उद्देश्य न केवल ज्ञान प्रदान करना होना चाहिए, बल्कि युवाओं को कृषि क्षेत्र में प्रभावी योगदान देने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और समझ से लैस करना भी होना चाहिए।

चौहान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार कृषि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसानों की कड़ी मेहनत के साथ उनके शोध ने देश के खाद्यान्न भंडार को मजबूत किया है और भारत की कृषि प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने युवाओं से अपना करियर बनाने के साथ-साथ बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया और उन्हें देश के लिए कुछ सार्थक करने के लिए प्रोत्साहित किया। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि कृषि विद्यार्थियों को केवल रोजगार तलाशने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नवाचार, स्टार्ट-अप और अनुसंधान में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवा पीढ़ी को कृषि को व्यापक अवसर प्रदान करने वाले क्षेत्र के रूप में देखने और उभरती चुनौतियों के लिए नए समाधान खोजने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस क्षेत्र में वैज्ञानिक उन्नति, उद्यमिता और नवाचार को आगे बढ़ाने में युवा कृषि पेशेवरों और छात्रों के महत्व को रेखांकित किया।

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