ED का बड़ा एक्शन: 10,000 करोड़ के सागा ग्रुप घोटाले में मुंबई-भोपाल में रेड, 30 करोड़ के शेयर और 1.53 करोड़ कैश जब्त
नई दिल्ली, 18 अगस्त (अन्नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुख्यालय की टीम ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के SAGA ग्रुप पोंजी घोटाले के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 13 अगस्त से 16 अगस्त 2026 के बीच समीर अग्रवाल और उनके सहयोगियों से जुड़े मुंबई और भोपाल स्थित कई आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत छापेमारी की। यह घोटाला लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) और अन्य संबद्ध सहकारी समितियों से जुड़ा हुआ है।
नकदी, विदेशी मुद्रा और करोड़ों के शेयर फ्रीज
छापेमारी के दौरान ईडी ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए। इसके अलावा अपराध से अर्जित संपत्ति के तहत 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के लिस्टेड शेयर, सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड्स, एलआईसी पॉलिसी और बैंक बैलेंस फ्रीज कर दिए हैं। कार्रवाई में 9 हाई-एंड लग्जरी गाड़ियां, 1.53 करोड़ रुपये कैश, करीब 35 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा और 5.25 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण व बुलियन जब्त किए गए हैं।
10,000 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा, 3 से 5 साल में पैसा दोगुना-तिगुना करने का झांसा
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। आरोप है कि 2009 से समीर अग्रवाल (सागा ग्रुप) द्वारा प्रचारित आवर्ती जमा (RD), फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और मासिक आय योजनाओं में निवेश के नाम पर जनता को ठगा जा रहा था। निवेशकों को 3 से 5 वर्षों में पैसा दोगुना या तिगुना करने और कार जैसे उपहार देने का फर्जी लालच दिया गया। इस तरह बिना किसी वास्तविक व्यवसाय के फर्जी बैंकिंग ढांचे का उपयोग कर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई।
शेल कंपनियों और हवाला के जरिए विदेशों में भेजा गया पैसा
जांच में खुलासा हुआ कि निवेशकों से ज्यादातर नकदी जमा कराई जाती थी। इसे क्षेत्रीय कैश-चेस्ट के जरिए डायवर्ट कर प्रमोटरों द्वारा देश-विदेश में अचल और चल संपत्तियों में निवेश करने के लिए इस्तेमाल किया गया। इस फंड को स्थानांतरित करने के लिए शेल कंपनियों और हवाला चैनलों का सहारा लिया गया। ईडी की जांच में 50 से अधिक ऐसी फर्जी (शेल) कंपनियों के विस्तृत नेटवर्क का पता चला है, जिन्हें सिंडिकेट के ऑपरेटरों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था।
विदेश भागा मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल, आरोपी रवि शंकर तिवारी गिरफ्तार
सागा ग्रुप का सीएमडी और मुख्य नियंत्रक समीर अग्रवाल देश छोड़कर फरार हो चुका है और वर्तमान में भगोड़ा है। ईडी इस मामले में पहले भी दो अलग-अलग प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। वहीं, ग्रुप के प्रमुख पदाधिकारी रवि शंकर तिवारी को 14 जुलाई 2026 को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है और 24 जुलाई 2026 को विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल की जा चुकी है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
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