पानीपत में करोड़ों के यार्न ठग गिरोह का पर्दाफाश: सीआईए-1 ने दबोचा एक आरोपी, व्यापारियों को फर्जी चेक थमाकर लगाते थे चूना
पानीपत, 23 मई (अन्नू): हरियाणा की पानीपत जिला पुलिस की सीआईए-वन (CIA-1) टीम ने फैक्टरी मालिकों और यार्न (धागा) कारोबारियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर ठग गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रीत सिंह (निवासी सैनी कॉलोनी, न्यू मॉडल टाउन, जाटल रोड, पानीपत) के रूप में हुई है। आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर एक यार्न कारोबारी से करीब 2 लाख 29 हजार 979 रुपये का धागा खरीदा और भुगतान के बदले फर्जी चेक थमाकर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया था।
उग्राखेड़ी की फैक्टरी से मंगाया था 3744 किलो धागा
सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सोनीपत के गांव ढुराना निवासी अरविंद ने थाना चांदनी बाग में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अरविंद उग्राखेड़ी काला आंबा रोड पर 'श्याम यार्न' के नाम से फैक्टरी चलाते हैं। शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर 2025 को दीपक कपूर, प्रीत सिंह, राज रतन और राहुल कुमार नामक चार युवक उनकी फैक्टरी में आए। उन्होंने खुद को 'निर्मल बाला जी स्पिन टेक्स प्राइवेट लिमिटेड' का प्रतिनिधि बताया और कहा कि सेक्टर-25 में उनकी चार अलग-अलग फर्में (ओम ट्रेडर्स, महादेव इंटरप्राइजेज, नानक इंटरप्राइजेज और फर्निशिंग वाला) हैं।
चारों आरोपियों ने झांसे में लेकर 3744 किलो धागे का ऑर्डर दिया। अरविंद ने 13 सितंबर 2025 को माल गाड़ियों में लोड करवाकर सेक्टर-25 स्थित उनके पते पर भिजवा दिया। भुगतान के रूप में आरोपियों ने 2,29,979 रुपये का एक चेक दिया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब पीड़ित ने पैसे मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में धमकी देते हुए कहा कि उनका काम ही लोगों को ठगना है।
कई अन्य व्यापारियों से भी कर चुके हैं लाखों की ठगी
पीड़ित अरविंद ने जब बाजार के अन्य व्यापारियों से इस बारे में बात की, तो एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ। इन चारों शातिर ठगों ने इसी मोडस ऑपरेंडी (तरीके) का इस्तेमाल कर कई और कारोबारियों को भी अपना शिकार बनाया था, जिनमें शामिल हैं:
गुप्ता यार्न: 5 लाख 95 हजार 456 रुपये की ठगी
महादेव टेक्सटाइल मील: 4 लाख 45 हजार 410 रुपये की ठगी
निर्मल बाला जी कॉट स्पिन: 2 लाख 10 हजार रुपये की ठगी
कर्ज और घाटे के कारण शार्टकट से पैसा कमाने की रची थी साजिश
सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि वीरवार शाम को हुई गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी प्रीत सिंह से गहनता से पूछताछ की गई, तो उसने अपने तीनों साथियों के साथ मिलकर इस ठगी की बात कबूल की। प्रीत सिंह ने बताया कि पहले पानीपत टोल प्लाजा के पास उसकी प्लास्टिक दाना बनाने की फैक्टरी थी, लेकिन भारी नुकसान होने के कारण करीब डेढ़ साल पहले उसे अपनी फैक्टरी बंद करनी पड़ी।
कर्ज और घाटे से उबरने के लिए उसने अपने पुराने दोस्तों (दीपक कपूर, राज रतन और राहुल) के साथ मिलकर शार्टकट तरीके से अमीर बनने की साजिश रची। उन्होंने व्यापारियों से माल हड़पने के लिए फर्जी फर्में बनाईं। आरोपी ने खुलासा किया कि पीड़ित अरविंद से ठगा गया 3744 किलो धागा उन्होंने लुधियाना की धागा मार्केट में जाकर केवल 2 लाख रुपये में कैश बेच दिया था और उस रकम को चारों ने आपस में बराबर-बराबर बांट लिया था।
कोर्ट से 2 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर, साथियों की तलाश जारी
पुलिस टीम ने शुक्रवार को आरोपी प्रीत सिंह को माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान सीआईए-1 की टीम आरोपी के हिस्से में आई ठगी की नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी। साथ ही, इस वारदात में शामिल गिरोह के अन्य तीन फरार आरोपियों (दीपक कपूर, राज रतन और राहुल कुमार) के संभावित ठिकानों का पता लगाकर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए छापेमारी की जा रही है।
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