भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में बड़ी उपलब्धि: 'एसेट रिकवरी एक्सपर्ट नेटवर्क' की उद्घाटन बैठक सफल, ED ने साझा किया $25 बिलियन की जब्ती का रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 5 जून (अन्नू): भारत की साल 2026 की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता के अंतर्गत भ्रष्टाचार निरोधक कार्य समूह (Anti-Corruption Working Group) के तहत एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, नई दिल्ली में 2 जून 2026 को 'ब्रिक्स एक्सपर्ट नेटवर्क ऑन एसेट रिकवरी' (BRICS Expert Network on Asset Recovery) के फोकल पॉइंट्स की उद्घाटन बैठक (Inaugural Meeting) का सफल आयोजन किया गया. इस विशेष सत्र में सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के एसेट रिकवरी विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
एसेट रिकवरी आधुनिक भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई का मुख्य स्तंभ: निदेशक, ईडी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक ने बैठक में आए सभी वैश्विक प्रतिनिधियों का स्वागत किया. उन्होंने एसेट रिकवरी (चोरी या वित्तीय हेरफेर की संपत्ति को वापस पाना) को आधुनिक भ्रष्टाचार विरोधी और वित्तीय अपराध प्रवर्तन का केंद्रीय स्तंभ बताया.
निदेशक ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कैसे सीमा पार मनी लॉन्ड्रिंग (Cross-Border Money Laundering) और जटिल कॉर्पोरेट संरचनाएं सामाजिक कल्याण व बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए जरूरी सार्वजनिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाती हैं. उन्होंने एफएटीएफ (FATF) के दिशानिर्देशों के साथ कड़ाई से संरेखण (Alignment) करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया.
भारत का दमदार रिकॉर्ड: 25 बिलियन यूएस डॉलर की संपत्ति की फ्रीज व अटैच
ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस बैठक में भारत ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत अपने मजबूत और सफल ट्रैक रिकॉर्ड को साझा किया:
कुल जब्ती (Attachment & Freezing): ईडी ने विभिन्न जांचों के तहत अब तक लगभग 25 बिलियन यूएस डॉलर (USD 25 Billion) मूल्य की संपत्तियों को सफलतापूर्वक जब्त और फ्रीज करने में अपनी बड़ी भूमिका को रेखांकित किया.
पीड़ितों को रिफंड (Restitution): इसके साथ ही, भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए 6.6 बिलियन यूएस डॉलर (USD 6.6 Billion) की संपत्ति को उसके वास्तविक पीड़ितों और वैध दावेदारों को वापस लौटाने (Restitution) के प्रयासों की जानकारी दी गई.
सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए स्टैंडर्ड फॉर्मेट पर सहमति
प्रेस रिलीज के अनुसार, इस आयोजन के दौरान सदस्य देशों ने आपसी परिचालन चुनौतियों (Operational Challenges) पर व्यापक विचार-विमर्श किया. एसेट रिकवरी के लिए सूचना और खुफिया जानकारी (Information and Intelligence) साझा करने के लिए प्रस्तुत किए गए एक स्टैंडर्ड टेम्पलेट (Standard Format) का सभी देशों ने स्वागत किया, जिससे अनौपचारिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा.
इसके अतिरिक्त, सदस्य देशों ने निकट भविष्य में भारत द्वारा आयोजित की जाने वाली एक फिजिकल मीटिंग (आमने-सामने की बैठक) के लिए भी अपनी व्यापक सहमति व्यक्त की. भारत ने यह भी रेखांकित किया कि उभरते विषयों पर निरंतर क्षमता निर्माण (Capacity Building) और सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) को साझा करने से सहयोग को और बल मिलेगा.
अपराधियों को नहीं पचने देंगे काली कमाई: ईडी
बैठक के समापन सत्र में यूएनसीएसी (UNCAC) सिद्धांतों के महत्व और अंतरराष्ट्रीय एसेट रिकवरी उपायों को मजबूत करने में विश्वास-आधारित अनौपचारिक सहयोग की आवश्यकता की पुष्टि की गई.
निदेशक, ईडी ने अपने समापन भाषण में इस बात को दोहराया कि वर्तमान परिदृश्य में अपराधी तेजी से संपत्तियों को स्थानीय अधिकारियों की पहुंच से दूर और सीमाओं के पार रखने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि "अपराध कभी फायदेमंद नहीं होना चाहिए" (Crime should not pay the criminals), और यह सभी देशों का कर्तव्य है कि वे एक-दूसरे के साथ सहयोग करें ताकि संपत्तियों के नष्ट होने या गायब होने से पहले उन्हें समय पर ट्रैक किया जा सके.
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