ED की बड़ी कार्रवाई: पोंजी स्कीम के जरिए आम जनता से ठगे ₹400 करोड़; तमिलनाडु में 8 ठिकानों पर छापेमारी, लग्जरी गाड़ियां और डिजिटल उपकरण जब्त
नई दिल्ली/चेन्नई, 19 जून (अन्नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देश में सक्रिय अवैध वित्तीय नेटवर्क और फर्जी निवेश योजनाओं के खिलाफ एक और बेहद बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, चेन्नई आंचलिक कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत तमिलनाडु के कई जिलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (रेड) चलाकर करोड़ों रुपये के पोंजी स्कीम घोटाले का पर्दाफाश किया है.
यह कार्रवाई मेसर्स यूनिक एक्सपोर्ट्स और उससे जुड़ी अन्य सहयोगी संस्थाओं के खिलाफ चल रही धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) जांच के सिलसिले में की गई है.
तमिलनाडु के 4 जिलों में 8 ठिकानों पर एक साथ चली रेड
ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने 16 जून 2026 को एक साथ योजनाबद्ध तरीके से तमिलनाडु के चार प्रमुख जिलों में दबिश दी:
प्रभावित जिले: चेन्नई, इरोड, कोयम्बटूर और कृष्णागिरि.
छापेमारी का दायरा: इन जिलों में स्थित कुल आठ व्यावसायिक (कमर्शियल) और आवासीय (रेसिडेंशियल) परिसरों पर व्यापक तलाशी अभियान संचालित किया गया.
जांच की शुरुआत: ईडी ने यह जांच तमिलनाडु पुलिस और कर्नाटक पुलिस द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई अलग-अलग प्राथमिकियों (FIR) के आधार पर अपने हाथ में ली थी.
आलू-प्याज के एक्सपोर्ट बिजनेस के नाम पर ठगी; 200% रिटर्न का झांसा
ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, मुख्य आरोपी एस. नवीन कुमार ने अपनी सहयोगी श्रीमती जीवलता, के. प्रभु, के. मथन कुमार, मुथुसेलवम, जे. फ्रैंकलिन और कुछ अन्य बाहरी व्यक्तियों के साथ मिलकर मेसर्स यूनिक एक्सपोर्ट्स के नाम पर एक बेहद शातिर पोंजी योजना (फर्जी निवेश स्कीम) का जाल बुना था.
इस ठगी के मुख्य हथकंडे इस प्रकार थे:
कृषि उत्पादों का बहाना: आरोपियों ने सैकड़ों सीधे-साधे निवेशकों को झांसा दिया कि उनका पैसा प्याज, आलू तथा अन्य कृषि उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात (एक्सपोर्ट) व्यवसाय में निवेश किया जा रहा है.
अल्प अवधि में बंपर रिटर्न: निवेशकों को अपनी कपटपूर्ण जाल में फंसाने के लिए बेहद कम समय के भीतर 200 प्रतिशत से भी अधिक का प्रतिफल (रिटर्न) देने का झूठा वादा किया गया था.
कमीशन का लालच: इतना ही नहीं, स्कीम को तेजी से फैलाने के लिए निवेशकों को यह लालच भी दिया गया कि यदि वे अपने सगे रिश्तेदारों और मित्रों से भी इसमें निवेश करवाएंगे, तो उन्हें मोटी कमीशन दी जाएगी.
फर्जी संस्थाओं का जाल बुनकर ₹400 करोड़ का किया 'मनी लॉन्ड्रिंग'
ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने आम जनता की गाढ़ी कमाई को ठिकाने लगाने के लिए कई डमी और फर्जी संस्थाएं/कंपनियां स्थापित कर रखी थीं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
मेसर्स यूनिक एक्सपोर्ट्स
मेसर्स ईस्ट वैली एग्रो फार्म्स
मेसर्स यूनिक रबर इंडस्ट्रीज
मेसर्स यूनिक इंटरनेशनल ग्रुप
मेसर्स सारा एक्सपोर्ट्स
मेसर्स इंडो रशियन रेयर अर्थ मेटल्स
मेसर्स इंडो रशियन बिजनेस एसोसिएट्स
लेयरिंग के जरिए पैसे किए इधर-उधर: इन सभी संस्थाओं और उनके बैंक खातों का उपयोग केवल इसलिए किया गया ताकि निवेशकों से धोखाधड़ीपूर्वक लगभग 400 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि एकत्र की जा सके। इसके बाद पैसों के वास्तविक स्रोत को छुपाने के लिए कई स्तरों पर फंड ट्रांसफर (लेयरिंग) किया गया। इस अपराध से अर्जित काली कमाई को अचल संपत्तियों में निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट (सावधि जमा), विदेशी लेन-देन और अपने करीबियों के खातों में भेजकर पूरी तरह से इधर-उधर (लॉन्ड्रिंग) कर दिया गया.
तलाशी के दौरान जब्त की गईं दो लग्जरी गाड़ियां और डिजिटल सबूत
ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, 16 जून को हुई इस ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और कीमती सामान जब्त किया है:
डिजिटल उपकरण: आरोपियों के ठिकानों से लैपटॉप, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल डिवाइस बरामद कर जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है.
दस्तावेज जब्त: पोंजी योजना और अवैध रूप से खरीदी गई अचल संपत्तियों के निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक कागजात ईडी के हाथ लगे हैं.
वाहन जब्त: तलाशी अभियान के दौरान मौके पर खड़ी मिली दो लग्जरी गाड़ियों को भी एजेंसी ने कानूनन अपने कब्जे में ले लिया है.
ईडी ने स्पष्ट किया है कि 400 करोड़ रुपये के इस विशाल वित्तीय घोटाले की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ने के लिए मामले में आगे की गहन कानूनी जांच लगातार जारी है.
#EDAction #EnforcementDirectorate #PonziSchemeBusted #MoneyLaundering #UniqueExports #TamilNaduEDRaid #FinancialFraud #AgriExportScam #PMLAActions #LuxuryCarsSeized #BreakingNews #DanikKhabar
Previous
पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन, चयनित बच्चों को राष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा पुरस्कृत
Next