स्कूली छात्राओं, आप भविष्य में क्या बनना चाहती हैं?: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 19 जून, भोपाल।
इंदौर में "स्कूल चलें हम" अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा गणपति के सरकारी शारदा कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने विद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक और आकर्षक खगोलीय प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं को खगोलीय उपकरणों, वेधशालाओं और मॉडलों के बारे में बताया। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहती हैं। उन्होंने छात्राओं के वैज्ञानिक कौशल की सराहना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरिक्ष-थीम, रॉकेट मॉडल और 'स्पार्क एस्ट्रोनॉमी' प्रयोगशाला को देखकर बेहद प्रसन्न हुए। उन्होंने स्मार्ट रूम में जाकर बच्चों से भी बातचीत की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यालय के स्मार्ट कक्षाओं में छात्राओं से अनौपचारिक बातचीत की। उन्होंने बड़ी सहजता से छात्राओं से पूछा कि वे भविष्य में देश और समाज के लिए क्या योगदान देना चाहती हैं। छात्राओं ने भी उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी रुचियों के अनुसार अपने भविष्य के लक्ष्यों और सपनों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं से उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि, अध्ययन व्यवस्था, विद्यालय में उपस्थिति और अध्ययन से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण और शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लड़कियों को हर संभव अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक खगोलीय प्रयोगशालाओं की स्थापना नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति करती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के बीच, छात्रों को नवाचार और वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासापूर्वक सीखने और अपने ज्ञान को निरंतर बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से कड़ी मेहनत करने, जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूली शिक्षा को बेहतर, आधुनिक और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान करने के लिए स्मार्ट कक्षाओं, विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा दे रही है। सरकार प्रयोगशालाओं सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।
प्रयोगशाला में अंतरिक्ष विज्ञान के अनूठे आयामों का प्रदर्शन किया गया।
छात्रों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रयोगशाला में उपलब्ध विभिन्न खगोलीय उपकरणों, दूरबीनों और नक्षत्र एवं ग्रह ट्रैकिंग प्रणालियों के बारे में आत्मविश्वासपूर्वक जानकारी दी। 'स्पार्क एस्ट्रोनॉमी' प्रयोगशाला को ब्रह्मांड की थीम पर बेहद आकर्षक ढंग से डिजाइन किया गया है। प्रयोगशाला में चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, जल चक्र, ज्वालामुखी और पृथ्वी की आंतरिक संरचना को दर्शाने वाले लाइव चार्ट और मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा, वहां रखे गए रॉकेट और उपग्रह मॉडल, मानव शरीर की संरचना को समझने के लिए कार्यशील मॉडल, गुरुत्वाकर्षण के नियम और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बारे में भी बताया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ध्यान विशेष रूप से सौर मंडल के आकर्षक भित्ति चित्रों की ओर आकर्षित हुआ। यहां उपस्थित छात्राओं में प्राची जैन, वंशिका प्रजापत, गौरवी पहाड़िया, मोहिनी करोली, हर्षिता वर्मा आदि प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने वैज्ञानिक और खगोलीय मॉडल के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर शहरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावत, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंडोला, मालिनी लक्ष्मण सिंह गौर, मधु वर्मा और मनोज पटेल के साथ-साथ सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ जैन और अन्य जन प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
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