राजस्थान उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में बड़े बदलाव: डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने ली समीक्षा बैठक, कौशल विकास और नई नीतियों पर जोर
एन.एस.बाछल, 3 अप्रैल, जयपुर।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक गुरूवार को सचिवालय में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा एवं आगामी वर्ष के लिए विभागीय कार्ययोजनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उच्च शिक्षा विभाग की प्रमुख योजनाओं की प्रगति प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 63.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 96 प्रतिशत से अधिक व्यय किया जा चुका है,919 बिलों का निस्तारण किया गया , SNA Sparsh Portal के माध्यम से 54.67 करोड़ रुपये प्राप्त हुई है। स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप योजना में 2024-25 में 342 विद्यार्थियों को और 2025-26 में 493 विद्यार्थियों को लाभ मिला , बजट में निरंतर वृद्धि करते हुए यह राशि 100 करोड़ से 200 करोड़ रूपये की गई है।
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के तहत 2024-25 में 72,287 एवं 2025-26 में 72,465 विद्यार्थी लाभान्वित किए गए। साथ ही अन्य विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है । वर्ष 2025-26 में ही लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं सहायता योजनाओं का लाभ मिला है।
बैठक में जनजाति, सहारिया एवं बालिका शिक्षा से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इन योजनाओं के माध्यम से सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना, रिसर्च फेलोशिप योजना तथा ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना जैसी पहलों की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
बजट घोषणाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की अधिकांश घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है तथा कई कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। आगामी वर्षों की घोषणाओं पर भी कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों में सत्र 2025— 26 से स्पोर्ट्स कोटा प्रवेश प्रक्रिया में लागू किया गया, विभिन्न पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम, सीट वृद्धि एवं आधुनिक सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 में 50 पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में नई आईसीटी लेब प्रारंभ की जाएगी, एचजी इंफ्रा कंपनी द्वारा दो पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में सेंटर आफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे, पॉलिटेक्निक विद्यालयों के रोजगार एवं इंटर्नशिप के अवसर में कौशल दर्पण पोर्टल एवं वनवर सिटी स्टार्टअप द्वारा वृद्धि की जा रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पॉलिटेक्निक कॉलेज में 6 माह की इंटर्नशिप को जरूरी किया गया है। ईवी और रिन्युवल एनर्जी से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार पहली बार प्रदेश में अप्रेंटिस एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम्स भी शुरू किए जाएंगे। महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए कायाकल्प स्कीम का भी शुरू किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की विद्यार्थियों में नवाचार की अपार संभावनाएं हैं। हमें एक ऐसा वातावरण विकसित करना है जिसमें विद्यार्थी अपने कौशल से रोजगार से प्राप्त कर सके, साथ ही साथ रोजगार प्रदान कर सकें। भविष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को रोबोटिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग में प्रशिक्षण दें।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं एवं बजट घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं कौशल विकास के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी मॉनिटरिंग एवं बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।
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