CBI का बड़ा एक्शन: हरियाणा सरकार के 504 करोड़ के घोटाले में IDFC फर्स्ट बैंक मामले में पहली चार्जशीट दाखिल
नई दिल्ली, 22 मई (अन्नू): हरियाणा में सरकारी फंड्स की हेराफेरी के एक बहुत बड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी कामयाबी मिली है। सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच एजेंसी ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) फंड मिसअप्रोप्रिएशन मामले में पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत के सामने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह मामला हरियाणा सरकार के अलग-अलग विभागों के फंड्स में बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें बैंक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है।
बैंक अफसरों और सरकारी बाबुओं समेत 15 आरोपी नामजद
आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस चार्जशीट में कुल 15 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया है। इन आरोपियों में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 सरकारी कर्मचारी (जो हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड, विकास एवं पंचायत विभाग, और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद से जुड़े हैं), 2 शेल कंपनियां (फर्जी संस्थान) समेत उनके 3 डायरेक्टर्स और 1 निजी व्यक्ति शामिल हैं। ये सभी 15 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत (जेल) में हैं।
504 करोड़ रुपये का है पूरा घोटाला
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला लगभग 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड्स की हेराफेरी से जुड़ा है। बैंक अधिकारियों ने सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारियों के साथ मिलकर एक गहरी आपराधिक साजिश रची और हरियाणा सरकार के अलग-अलग विभागों के बैंक खातों से इस मोटी रकम को अवैध तरीके से निकाल लिया (सायफन ऑफ कर दिया)। यह मामला पहले स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो, हरियाणा में दर्ज था, जिसे बाद में गहराई से जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया था।
गंभीर धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल
सीबीआई ने इन सभी 15 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust), धोखाधड़ी (Cheating), जालसाजी (Forgery), सबूत मिटाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act, 1988) की गंभीर धाराओं के तहत कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है।
अन्य विभागों में भी जांच जारी, जल्द दाखिल होगी नई चार्जशीट
प्रेस रिलीज के अंत में बताया गया है कि सीबीआई इस महाघोटाले की जड़ों तक पहुंचने के लिए अन्य सरकारी विभागों में हुई हेराफेरी की भी गहनता से जांच कर रही है। इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और विभागों के खिलाफ भी सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उनके खिलाफ भी अदालत में पूरक चार्जशीट (Additional Chargesheets) दाखिल की जाएगी। सीबीआई ने दोहराया कि वह वित्तीय अपराधों और भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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