देवभूमि में विकास का महाकुंभ: अमित शाह ने किया ₹1132 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, बोले- 'अटल जी ने बनाया, मोदी जी ने सँवारा'

आरएस अनेजा, 7 मार्च नई दिल्ली - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर हरिद्वार में ₹1132 करोड़ से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया।

इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केन्द्रीय मंत्री अजय टम्टा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज न सिर्फ उत्तराखंड में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की सरकार के चार साल पूरे होने के साथ राज्य में हमारी पार्टी की सरकार के 9 साल भी पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब देवभूमि उत्तराखंड अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत था। उत्तराखंड को अलग राज्य बनाकर इसे अलग पहचान दिलाने और उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए उत्तराखंड के युवा मैदान में उतरे थे।

शाह ने कहा कि उस वक्त मौजूदा विपक्षी पार्टियों ने उत्तराखंड के युवाओं पर असहनीय दमन किया था। अनेक युवाओं को गोली लगी और कई ने बलिदान दिया। रामपुर तिराहे की घटना आज भी उत्तराखंडवासी भूले नहीं हैं। गृह मंत्री ने कहा कि हमारे नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने का काम किया।

अमित शाह ने कहा कि जब उत्तराखंड को अलग राज्य बनाया गया, तब विपक्षी पार्टी के नेता कहते थे कि छोटे राज्य कैसे टिकेंगे और इनकी अर्थव्यवस्था कैसे चलेगी। उन्होंने कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड के रूप में तीन छोटे राज्य बनाए और आज तीनों राज्य विकास की राह पर आगे बढ़ चुके हैं। श्री शाह ने कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड को बनाया और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सँवारने का काम किया। उन्होंने कहा कि बीते नौ साल उत्तराखंड के विकास के नौ स्वर्णिम साल रहे हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीते चार साल में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने राज्य की एक-एक समस्या को चुन-चुन कर समाप्त करने का रचनात्मक प्रयास किया है। इसके कारण आज उत्तराखंड विकास के रास्ते पर ‘दिन दूनी रात चौगुनी’ गति से बढ़ रहा है।

अमित शाह ने कहा कि आज 1132 करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन हुआ है। नई न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए 150 साल पुराने कानून को समाप्त कर नई न्याय संहिताएं बनाई गई हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए कानून 2028 तक पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे। इसके बाद एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की न्यायिक प्रक्रिया 3 साल में पूरी हो जाएगी और समय पर न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये दुनिया की सबसे आधुनिक और सबसे वैज्ञानिक न्याय संहिताएं हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज उत्तराखंड के 1900 युवाओं को पुलिस कांस्टेबल की नौकरी मिली है। उन्होंने इन युवाओं से सवाल किया कि अगर विपक्षी पार्टी की सरकार होती तो क्या उन्हें यह नौकरी मिल पाती? श्री शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी की सरकार होती तो नौकरी के लिए पर्ची भी चाहिए होती और खर्ची भी लगती। लेकिन अब इनकी कोई जरूरत नहीं है। श्री शाह ने कहा कि पहाड़ पर रहने वाली किसी बूढ़ी मां का बेटा बगैर किसी सिफारिश के आज नौकरी प्राप्त कर अपने घर जा रहा है। इसे ही सुशासन कहते हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नकल विरोधी कानून ने रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा कि आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 लोगों को भारत की नागरिकता दी गई। उन्होंने कहा कि जब वे सीएए कानून लेकर आए थे, तब विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने संसद में खूब हो-हल्ला किया था।श्री शाह ने कहा कि वे आज फिर से कहना चाहते हैं कि बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार है जितना इस देश पर यहाँ के नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण आजादी से लेकर अब तक इन शरणार्थियों को नागरिकता से वंचित रखा गया। ढेर सारी यातनाएं झेलकर वे हमारे देश में शरणार्थी बनकर आए हैं। गृह मंत्री ने सवाल किया कि ये शरणार्थी अपना धर्म और अपने परिवारों की महिलाओं का सम्मान बचाने के लिए आए हैं, ऐसे में क्या भारत उन्हें नागरिकता नहीं देगा? उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को जितना विरोध करना है, कर लें, लेकिन हम इन शरणार्थियों को नागरिकता देकर रहेंगे।

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