12/11/25

बीमा लोकपाल ने कंपनियों से पॉलिसी में पारदर्शिता और जन जागरूकता सुनिश्चित करने का किया आह्वान

चंडीगढ़, 12 नवम्बर (अभी) — बीमा लोकपाल, क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़, श्रीमती अलका झा ने बीमा कंपनियों से आग्रह किया कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि लोगों को उनकी सभी बीमा पॉलिसियों जीवन बीमा, सामान्य बीमा, संपत्ति बीमा या स्वास्थ्य बीमा जैसी पॉलिसी की शर्तों व नियमों की पूरी जानकारी हो। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि बीमा कंपनियों की क्लेम टीम को बेहतर रूप से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए ताकि पॉलिसीधारक और कंपनी के बीच किसी भी प्रकार की जानकारी का अभाव न रहे।

श्रीमती झा आज चंडीगढ़ में आयोजित “बीमा लोकपाल दिवस” के अवसर पर विभिन्न बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर हरियाणा की पूर्व राज्य सूचना आयुक्त श्रीमती ज्योति अरोड़ा भी उपस्थित रहीं।

श्रीमती झा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक प्रत्येक भारतीय को बीमा कवरेज देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन इसे साकार करने के लिए बीमा कंपनियों को अभी से अपने प्रयासों को तेज करना होगा। उन्होंने कंपनियों से आह्वान किया कि वे जन-जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि लोगों को शिकायत या समस्या की स्थिति में सही स्थान पर संपर्क करने की जानकारी मिल सके।

उन्होंने बताया कि बीमा से संबंधित विवादों का एक प्रमुख कारण यह है कि अनेक पॉलिसीधारक अपनी पॉलिसी की शर्तों और नियमों से पूरी तरह अवगत नहीं होते, जिसके कारण शिकायत निवारण के दौरान कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि बीमा लोकपाल के पास लगातार ऐसी शिकायतें आती हैं, जहाँ कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को पॉलिसी की धाराओं की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई होती।

श्रीमती झा ने चेतावनी देते हुए कहा कि बीमा पॉलिसी केवल कंपनी और पॉलिसीधारक के बीच का अनुबंध नहीं, बल्कि विश्वास और आस्था का बंधन है।

उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियाँ यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यालयों के बाहर कोई भी दलाल या बिचौलिया पॉलिसीधारकों को दावे (क्लेम) के संबंध में गुमराह न करे। उन्होंने कहा कि कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में एजेंटों और दलालों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।

श्रीमती झा ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देशभर में बीमा लोकपाल के 18 कार्यालयों में कुल 59,947 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 48,564 शिकायतों का निपटान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ केंद्र में इस अवधि के दौरान कुल 4,543 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3,008 का निपटान किया गया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भारत सरकार ने ‘बीमा लोकपाल नियम, 2017’ अधिसूचित किए थे। इन नियमों में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा 9 नवम्बर, 2023 को संशोधन किया गया है। इन नियमों का उद्देश्य बीमा कंपनियों, उनके एजेंटों और मध्यस्थों द्वारा व्यक्तिगत बीमा, समूह बीमा, एकल स्वामित्व और सूक्ष्म उद्यमों की पॉलिसियों से संबंधित सभी शिकायतों का निष्पक्ष, सुलभ और किफायती समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि संशोधित नियमों के अनुसार “गवर्निंग बॉडी ऑफ इंश्योरेंस काउंसिल (GBIC)” का नाम बदलकर अब “काउंसिल फॉर इंश्योरेंस ओम्बड्समैन (CIO)” कर दिया गया है।

श्रीमती अल्का झा ने बताया कि फरवरी 2021 से शिकायतों के ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की गई है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी समय, कहीं से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, और इसके लिए उसे बीमा लोकपाल कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। उपभोक्ता बीमा लोकपाल की वेबसाइट www.clioins.co.in

 पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

इस अवसर पर हरियाणा की पूर्व राज्य सूचना आयुक्त श्रीमती ज्योति अरोड़ा ने चंडीगढ़ कार्यालय द्वारा बीमा लोकपाल व्यवस्था के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की और बीमा उद्योग में पारदर्शिता, निष्पक्षता, संवेदनशीलता और पॉलिसीधारक संरक्षण के महत्व पर बल दिया।

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