जींद के लाल उदय भानु प्रताप ने NEET-UG 2026 में पाई AIR 363: पहले ही प्रयास में जिला किया टॉप
जींद, 21 जुलाई (अन्नू): जींद जिले के प्रतिभाशाली छात्र उदय भानु प्रताप ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के बल पर NEET-UG 2026 में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 363 हासिल कर पूरे जींद जिले में पहला स्थान पाया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके पैतृक गांव सिंधवी खेड़ा और जिलेभर में जश्न व खुशी का माहौल है।
शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं उदय भानु
उदय भानु प्रताप की प्रारंभिक शिक्षा इंडस पब्लिक स्कूल, जींद से हुई। उन्होंने 10वीं कक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में दूसरा स्थान हासिल किया था, जबकि 12वीं बोर्ड परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक अर्जित किए। इसके अलावा उन्होंने JEE Main में भी 99.2 परसेंटाइल हासिल कर अपनी शैक्षणिक क्षमता का लोहा मनवाया था।
एमबीबीएस कर रहे बड़े भाई से ली प्रेरणा, बनना चाहते हैं न्यूरोसर्जन
उदय ने बताया कि उन्होंने अपने बड़े भाई सूरज प्रताप सिंह, जो वर्तमान में PGIMS रोहतक से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहे हैं, से प्रेरणा लेकर डॉक्टर बनने का संकल्प लिया था। अनुशासित दिनचर्या और परिजनों व गुरुजनों के मार्गदर्शन से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उदय का सपना भविष्य में न्यूरोसर्जन (Neurosurgeon) बनकर देश और गरीबों की सेवा करना है। चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (CRSU) जींद के कुलपति डॉ. रामपाल सैनी ने उदय भानु प्रताप को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
'पेपर लीक रोके सरकार, लाठीचार्ज लोकतंत्र के खिलाफ'
सफलता के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उदय भानु प्रताप ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए निष्पक्ष बात रखी। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं व्यवस्था और सरकार की गंभीर कमी को दर्शाती हैं। हक की मांग कर रहे निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज होना लोकतंत्र में उचित नहीं है; परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
शिक्षा से जुड़ा है पूरा परिवार
उदय की माता अनीता रानी, जो सरकारी स्कूल में लेक्चरर हैं, ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मेरा सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन सुविधाओं के अभाव में पूरा न हो सका। आज मेरे दोनों बेटे डॉक्टर बनने की राह पर हैं। असली डॉक्टर वही है जो समाज की सेवा करे।"
उदय का पूरा परिवार शिक्षा को समर्पित रहा है। उनके दादा धर्मपाल कटारिया (हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव) ने 74 वर्ष की आयु में CRSU से 82% अंकों के साथ LLB पास कर मिसाल कायम की थी। पिता रविंद्र कटारिया एक व्यवसायी हैं तथा दादी सुशीला देवी सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं।
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