26/07/25

गुरू ही जीवन का मार्ग प्रशस्त कर हमारा उत्थान करता है – राज्यवर्धन राठौड़

एन.एस.बाछल, 26 जुलाई, जयुपर।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि हर व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के लिए गुरु की तलाश होती है, गुरू ही जीवन का मार्ग प्रशस्त कर हमारा उत्थान करता है। भारत को मजबूत करने के लिए अनुशासन, आत्म बल और ज्ञान की जरूरत है जो कि गुरु शिष्य परंपरा से आएगा।

कर्नल राठौड़ भारतीय शिक्षण मंडल जयपुर-प्रांत द्वारा कोटपूतली जिले में आयोजित ‘व्यास पूजा उत्सव-2025’ कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। आयोजन में गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय शिक्षा पद्धति की गरिमा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कर्नल राठौड़ ने कहा कि गुरु और शिष्य के बीच की आत्मिक कड़ी ही हमारी शिक्षा व्यवस्था की असली नींव है। उन्होंने पारंपरिक भारतीय शिक्षा मूल्यों की ओर लौटने पर बल दिया।

कर्नल राठौड़ ने कहा कि देश में खुशहाली लाने के लिए सरकार के टूरिज्म, हेल्थ, एजुकेशन, लॉजिस्टिक, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी के तहत योजनाएं बना रही है ताकि प्रदेश के व्यापारियों को आगे बढ़ने का मंच मिले। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले प्रदेश के लोगों के लिए राज्य में आर्थिक माहौल को मजबूत करने के लिए कई नीतियां बनाई है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने व्यवसाय करना आसान व सस्ता किया है। साथ ही, राइजिंग राजस्थान के तहत 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए और अभी तक लगभग 3 से 3.50 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर एक आईटी ढांचा तैयार कर रहा है ताकि सिंगल विंडो क्लीयरेंस को कारगर बना सके।

कर्नल राठौड़ ने बताया कि विभाग द्वारा एक मोबाइल एप भी बनाया गया है जहां निवेशक अपने निवेश को ट्रैक कर सकते हैं और पहली बार पॉलिसी के तहत डायरेक्ट लैंड एलॉटमेंट किया गया है जहां निवेशकों को नीलामी में नहीं जाना पड़ा। उन्होंने रिप्स-2024 के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि योजना के अंतर्गत तकरीबन 1 हजार करोड़ सब्सिडी में दिए हैं इससे रोजगार भी उत्पन्न होगा और सुविधाओं में विस्तार भी मिलेगा। 

उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि ओडीओपी के तहत क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं जिससे की बुनियादी सुविधाएं मिलें। स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाना ही राज्य सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कारगिल युद्ध के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान के अनेक शहीदों ने देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया है, हम सभी यदि हमारी सोच को मजबूत करें और देश के लिए योगदान दें तो हम भी देश की रक्षा में हिस्सेदारी निभा सकते हैं।

मुख्य वक्ता बी.आर. शंकरानंद, अखिल भारतीय संगठन मंत्री, भारतीय शिक्षण मंडल ने कहा कि गुरु-शिष्य संबंध भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि सत्य के प्रति निष्ठा मजबूत करने के लिए अपने जीवन को उत्थान की और ले जाना चाहिए, जिसमें गुरु की आवश्कता अनिवार्य है। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान पर जोर देते हुए गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला।

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