साइलेंट किलर है उच्च रक्तचाप, सही जीवनशैली और जागरूकता से ही संभव है बचाव: पीएमओ डॉ. पूजा पैंटल

जे कुमार अम्बाला कैंट, 19 मई : नागरिक अस्पताल अम्बाला कैंट की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. पूजा पैंटल ने आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए कहा कि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर के मुख्य अंगों जैसे हृदय, गुर्दे और मस्तिष्क को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल में इस बीमारी की जांच और इलाज के लिए सभी पुख्ता इंतजाम मौजूद हैं, लेकिन लोगों का जागरूक होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

"साइलेंट किलर" है हाई बीपी, लक्षणों को पहचानें फिजिशियन डॉ. मनोज मंगला ने जानकारी देते हुए बताया कि सामान्य रक्तचाप (बीपी) 120/80 mmHg से कम होता है, जबकि 140/90 mmHg या उससे अधिक होने पर इसे उच्च रक्तचाप माना जाता है। उन्होंने कहा हाइपरटेंशन को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि इसके अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। हालांकि, कुछ मामलों में अत्यधिक थकान, सांस लेने में तकलीफ या पैरों में हल्की सूजन (जो हृदय की कमजोरी का संकेत हो सकती है) जैसे लक्षण सामने आते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बचाव और नियंत्रण के मुख्य उपाय

डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि खराब जीवनशैली, खाने में अधिक नमक (सोडियम) का इस्तेमाल, मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन और अत्यधिक मानसिक तनाव इसके मुख्य कारण हैं। उन्होंने इससे बचने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:

ान-पान में सुधार:* भोजन में नमक (अचार, पापड़), डिब्बाबंद और तली-भुनी चीजों का परहेज करें। ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे केला) शामिल करें।

ियमित व्यायाम व योग:* प्रतिदिन तेज चलना या व्यायाम करना और तनाव मुक्त रहने के लिए योगा व मेडिटेशन का सहारा लें।

ुबह के समय रखें विशेष ध्यान:* सुबह के वक्त शरीर में तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ता है, जिससे बीपी बढ़ सकता है। इसलिए रात को अच्छी नींद लें और सुबह शांत मन से दिन की शुरुआत करें।

अस्पताल प्रशासन की अपील: आपातकालीन स्थिति में तुरंत लें सलाह

डॉक्टर नीनू गांधी ने बताया कि यदि बीपी का स्तर 140/90 mmHg के पार है, तो यह 'स्टेज 2 हाइपरटेंशन' है। यह तुरंत आपातकालीन स्थिति तो नहीं है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि बीपी का स्तर 180/120 mmHg से ऊपर चला जाए, तो बिना देरी किए तुरंत शांत बैठें, गहरी सांस लें, पानी पिएं और अस्पताल आकर डॉक्टर की सलाह लें। उन्होंने अम्बाला कैंट और आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाएं और अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।

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