28/03/26

पेशेंट फ्रेण्डली हों स्वास्थ्य सुविधाएं, शिकायत मिली तो होगी सख्त कार्रवाई - स्वास्थ्य विभाग राजस्थान

एन.एस.बाछल, 28 मार्च, जयपुर।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही पेशेंट फ्रेण्डली एप्रोच के सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बड़े अस्पतालों में मरीज भार अधिक है, लेकिन रोगियों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। स्वास्थ्य जैसे विषय में किसी भी तरह की असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सभी चिकित्सा अधिकारी पूरी निष्ठा और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों को पूरा करें। ​स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गायत्री राठौड़ सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में संबद्ध अस्पतालों के सभी अधीक्षकों के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर चर्चा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज और इससे जुड़े अस्पतालों की अपनी एक प्रतिष्ठा और पहचान है। यहां के उपचार की गुणवत्ता के कारण ही यहां सर्वाधिक रोगी भार रहता है। ऐसे में यह सुनिश्चित करें कि यह छवि धूमिल नहीं हो। यहां का हर एक चिकित्सक एवं हर एक स्वास्थ्यकर्मी प्रो—एक्टिव रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाए। 

तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए बनाएं अल्पकालिक प्लान—

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि अस्पताल में सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक प्लान अलग—अलग बनाए जाएं, ताकि जिन सुविधाओं में तत्काल सुधार किया जा सकता है, उनका कार्य लंबित नहीं रहे। स्टाफ का नियोजन इस प्रकार करें कि जहां आवश्यकता अधिक है, वहां जरूरत के अनुरूप चिकित्सक एवं कार्मिक उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि तात्कालिक आवश्यकता के अनुरूप संविदा आधार पर चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश कि अस्पताल में उपलब्ध जांच मशीनों एवं उपकरणों को पूरा उपयोग हो। कार्मिक या स्पेशलिस्ट के अभाव में किसी जांच मशीन का उपयोग नहीं हो रहा हो तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, लेकिन रोगी को कोई परेशानी नहीं हो। 

रोगी भार अधिक तो बढ़ाएं काउंटर, क्राउड मैनेजमेंट के लिए तकनीकी उपाय भी अपनाएं

गायत्री राठौड़ ने कहा कि अस्पताल में रोगी भार अधिक हो तो काउंटर बढ़ाए जाएं। आवश्यकता अनुसार हेल्प डेस्क स्थापित की जाएं, ताकि रोगियों को उपचार लेने के लिए भटकना नहीं पड़े या लंबे समय तक कतारों में खड़ा नहीं रहना पड़े। उन्होंने क्राउड मैनेजमेंट के लिए तकनीकी उपाय अपनाने पर भी बल दिया। गायत्री राठौड़ ने कहा कि ट्रोमा सेंटर एवं इमरजेंसी में रोगी गंभीर स्थिति में आते हैं, वहां उपचार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हों। चिकित्सा विशेषज्ञ हमेशा उपस्थित रहें। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी अस्पतालों में आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। 

स्ट्रेचर, व्हील चेयर की नहीं रहे कोई कमी, इमरजेंसी में हमेशा रहे समुचित स्टाफ

प्रमुख शासन सचिव ने कहा​ कि मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य, अधीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग करें। स्ट्रेचर, व्हील चेयर, दवाओं एवं अन्य संसाधनों की समुचित उपलब्धता रहे। कहीं से भी यह शिकायत नहीं आए कि रोगी को इन संसाधनों के अभाव में परेशानी उठानी पड़े। उन्होंने जांचों के लिए पोर्टेबल मशीनों का उपयोग बढ़ाने पर भी बल दिया, ताकि गंभीर रोगियों को तत्काल जांच सुविधा उपलब्ध हो सके। आपातकालीन इकाई सभी अस्पतालों में बेहतर स्थिति में हो। जिन अधिकारियों की ड्यटी आपातकालीन इकाई में हो, वे हमेशा वहां उपस्थित रहे। रात के समय में भी समुचित स्टाफ वहां मौजूद रहे। सीसीटीवी कैमरा आदि के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग की जाए। 

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