केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और भूपेंद्र यादव ने गुरुग्राम में 'मातृ वन' थीम-आधारित पहल के शुभारंभ की अध्यक्षता की

आरएस अनेजा, 02 अगस्त नई दिल्ली

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल के साथ मिलकर भारत सरकार के 'एक पेड़ माँ के नाम' कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुग्राम में 'मातृ वन' पहल के औपचारिक शुभारंभ की अध्यक्षता की।

यह पहल पारिस्थितिकी संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की प्रतीक एक हरित विरासत है। यह कार्यक्रम आज गुरुग्राम में हरियाणा वन विभाग द्वारा वन महोत्सव 2025 के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इस अवसर पर हरियाणा उद्योग एवं वन मंत्री श्री राव नरबीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित थे।

'मातृ वन' पहल - एक थीम आधारित शहरी वन आवरण है जो प्रकृति से प्रेरित हरित प्रयासों के माध्यम से पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के लिए समर्पित है। इसे गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड के किनारे अरावली पर्वतीय क्षेत्र में 750 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसकी परिकल्पना एक अद्वितीय पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक स्थल के रूप में की गई है जो जैव विविधता, जन कल्याण और शहरी स्थिरता में योगदान देगा।

यह लक्ष्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) भागीदारों, स्थानीय निवासी कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए), गैर-सरकारी संगठनों, बहुराष्ट्रीय निगमों (एमएनसी), स्कूली बच्चों और सरकारी संगठनों के बहु-हितधारक सहयोग के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।

मनोहर लाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, कहा कि कैसे कार्बन उत्सर्जन मानव जाति के लिए सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती बन गया है। इस चुनौती से निपटने के लिए कार्बन कैप्चर तकनीक का उपयोग करने के अलावा उन्होंने नागरिकों को वनों की कटाई रोकने और अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि वे वन मित्र बन सकें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि किस प्रकार गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी कार्बन उत्सर्जन को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने बताया कि देश के ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी पहले ही 50 प्रतिशत को पार कर चुकी है। इसके अलावा, गुरुग्राम जैसे महानगरों को हरित भवन, वन्यजीव सफारी के माध्यम से पर्यावरण-पर्यटन, थीम-आधारित जैव विविधता पार्क आदि जैसी अग्रणी पहलों में दूसरों के लिए एक उदाहरण बनना चाहिए।

भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि 'मातृ वन' का हरित आवरण पूरे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए हृदय और फेफड़े का काम करेगा। उन्होंने हरियाणा सरकार को इस वन भूमि को अरावली की स्थानीय वनस्पति प्रजातियों के वृक्षारोपण द्वारा 'मातृ वन' के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया। यह परियोजना युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित आम जनता को एक स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन जीने के लिए एक शांत वातावरण प्रदान करेगी। यादव ने कहा कि गुरुग्राम एक स्वच्छ और हरा-भरा शहर बनेगा जो दूसरों के लिए एक 'आदर्श मिलेनियम सिटी' का सबसे बड़ा उदाहरण होगा।

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