BTC फंड घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई: आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा गिरफ्तार, 4.56 करोड़ की संपत्ति जब्त

नई दिल्ली/देहरादून, 25 अप्रैल (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) के देहरादून उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने 'BTC फंड घोटाला' मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हेमंत ईश्वर शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने BTCFUND.IS नाम की वेबसाइट के जरिए देश भर के निवेशकों को बिटकॉइन में निवेश करने के नाम पर ठगा था। कोर्ट ने आरोपी को 4 दिनों की ED हिरासत में भेज दिया है।


कैसे काम करता था यह फर्जीवाड़ा?

हेमंत ईश्वर शर्मा ने निवेशकों को उच्च रिटर्न का झूठा वादा किया था। उसने यह दावा किया था कि उसकी कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थित है और कई विदेशी नागरिक उससे जुड़े हुए हैं, ताकि योजना को विश्वसनीय दिखाया जा सके। जांच में खुलासा हुआ कि:


फंड की हेराफेरी: निवेशकों से जुटाए गए पैसे को आरोपी ने अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किया।


संपत्ति का निर्माण: इस 'अपराध की कमाई' (Proceeds of Crime) से उसने अपने नाम पर अचल संपत्तियां खरीदीं।


जब्ती: ED ने अब लगभग 4.56 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति (जमीन और बैंक बैलेंस) को अस्थायी रूप से कुर्क (attach) कर लिया है।


ईडी के आदेशों का उल्लंघन

चौंकाने वाली बात यह है कि ईडी द्वारा संपत्ति कुर्क करने के आदेशों के बावजूद, आरोपी ने उन्हें बेचने का प्रयास किया। वह चोरी-छिपे खरीदारों से संपर्क कर रहा था और जाली दस्तावेज तैयार कर कानून का उल्लंघन कर रहा था।


कानूनी प्रक्रिया

इस मामले में देहरादून के राजपुर और उधम सिंह नगर के दिनेशपुर पुलिस स्टेशनों में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC की धारा 420) के तहत पहले ही एफआईआर दर्ज थीं। अब PMLA के तहत हुई गिरफ्तारी के बाद ईडी मामले की आगे की जांच कर रही है।


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