पूर्व सपा विधायक दीप नारायण यादव पर ED का बड़ा एक्शन: झांसी और लखनऊ समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी, बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद
लखनऊ, 10 जुलाई (अन्नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, झांसी की गरौठा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके करीबियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। ईडी के इलाहाबाद सब जोनल ऑफिस की टीमों ने बुधवार, 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश के झांसी और लखनऊ सहित कुल 11 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन चलाया। यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
23 करोड़ से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का मामला
ED द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस जांच की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार के विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट द्वारा दर्ज की गई एक FIR के आधार पर हुई थी। आरोप है कि दीप नारायण सिंह यादव ने अपने ज्ञात आय के स्रोतों से अलग, जांच अवधि के दौरान लगभग $23.02\text{ करोड़}$ रुपए की आय से अधिक (disproportionate) संपत्ति अर्जित की है।
दर्ज हैं 60 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे
ED की प्रेस रिलीज में खुलासा किया गया है कि पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ झांसी और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के विभिन्न थानों में 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में डकैती, हत्या का प्रयास, रंगदारी (extortion), गैर-इरादतन हत्या का प्रयास, अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर संगीन अपराध शामिल हैं, जो PMLA एक्ट के तहत भी शेड्यूल्ड ऑफेंस के दायरे में आते हैं।
शैल कंपनियों और करीबियों के नाम पर बनाई बेनामी संपत्ति
जांच रिपोर्ट और चार्जशीट से सामने आया है कि दीप नारायण ने अपने राजनीतिक प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर इन आपराधिक गतिविधियों से भारी काली कमाई (Proceeds of Crime) की है। इस पैसे को वैध दिखाने के लिए उन्होंने कई शेल (फर्जी) कंपनियां बनाईं और अपने परिवार के सदस्यों व करीबियों के नाम पर कई चल-अचल संपत्तियां खरीदीं।
छापेमारी में ED के हाथ लगे अहम सबूत:
फर्जी कंपनियां: तलाशी के दौरान कई ऐसी कंपनियां मिलीं जो सिर्फ कागजों पर चल रही थीं और धरातल पर उनका कोई बिजनेस नहीं था।
संदिग्ध वित्तीय रिकॉर्ड: टीमों ने कंपनियों के बीच हुए संदिग्ध लेन-देन, थर्ड-पार्टी एग्रीमेंट्स और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।
लग्जरी एसेट्स और बेनामी संपत्ति: पूर्व विधायक के करीबियों और व्यापारिक साझेदारों के नाम पर रखी गई लग्जरी संपत्तियों और बेनामी अचल संपत्तियों के कागजात और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद कर सीज कर दिए गए हैं।
ED की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे मामले में अभी आगे की जांच और कार्रवाई तेजी से जारी है।
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