सोहन लाल डी.ए.वी शिक्षण महाविद्यालय में गीता जयंती पर जिला स्तरीय सेमिनार का हुआ आयोजन
जे कुमार, अम्बाला 28 नवम्बर - श्रीमदभगवदगीता हमारा वैश्वीक ग्रन्थ है, श्रीमदभगवदगीता हम सबके लिए है, यदि हम अपने कर्तव्य , दायित्व, डयूटी को समझ लें, यह गीता का सार है। जीवन की सभी समस्याओं का हल श्रीमदभगवदगीता में है। यह अभिव्यक्ति एसडीएम दर्शन कुमार ने शुक्रवार को जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में सोहन लाल डी.ए.वी शिक्षण महाविद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय एक दिवसीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि अपने सम्बोधन में कहे।
यहां पहुंचने पर कालेज के प्रधानाचार्य डा. पूजा व कालेज के स्टाफगण ने मुख्य अतिथि के साथ-साथ वशिष्ठ अतिथि जी.एस. चोपडा को फूल-माला पहनाकर उनका भव्य अभिनंदन भी किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने कालेज परिसर में प्रश्नोत्तरी के तहत चल रही प्रतियोगिता का भी अवलोकन किया और विद्यार्थियों को श्रीमदभगवदगीता की महत्वता बारे जानकारी दी।
एसडीएम दर्शन कुमार ने इस मौके पर उपस्थित विद्यार्थियों व अन्य को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने वर्षों पूर्व अर्जुन को जो गीता का उपदेश दिया था वह आज भी उतना ही सार्थक है।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी श्रीमदभगवदगीता को पढ़ा है, उसका जीवन सफल हुआ है। श्रीमदभगवदगीता जीवन की पूंजी है, गीता में जन्म से लेकर कर्म करने बारे भी बताया गया है। गीता जीवन का मूल आधार है यह एक अदृश्य शक्ति है जो जीवन को महान बनाए रखने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने इस मौके पर विद्यार्थियों द्वारा गीता की महत्वता बारे जो विचार रखे उसकी भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस दौरान स्कूली विद्यार्थियों द्वारा प्रश्नोत्तरी के तहत जो प्रश्र पूछे गए उनका भी बेबाकी से उत्तर देने की उन्होने प्रशंसा की।
आयोजित सैमिनार में बी.एड. व एम.एड. के विद्यार्थियों वंशिका व मृदुला के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों ने सेमिनार में बढ़ चढ़ कर भाग लिया और गीता की महत्वता बारे सभी को विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर साहा स्थित राजकीय कालेज से आए डा. सुखबीर सिंह ने उपस्थित विद्यार्थियों को श्रीमदभगवदगीता एक पुस्तक मात्र नहीं है बल्कि वैश्वणीक ग्रन्थ है। श्रीमतदभगवदगीता भगवान का गीत है। प्रदेश सरकार द्वारा गीता जयंती महोत्सव का पूरे प्रदेश में आयोजन करने तथा कुरूक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता जयती महोत्सव का आयोजन किए जाने के लिए उन्होंने प्रशंसा की।
उन्होंने इस मौके पर कहा कि गीता जयंती समारोह के तहत हमें यह संकल्प लेना है कि अपनी डयूटी तथा जो भी जिम्मेवारी मिली है उसका सही तरह से भली-भांति निर्वहन करना है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीमदभगवदगीता में यह भी लिखा है कि कर्म करो, फल की इच्छा मत करो, यानि हमें अपने दायित्व का भली-भांति निहर्वन करना है। उन्होंने यहां पर महाभारत के युद्ध के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और श्लोकों के माध्यम से श्रीमदभगवदगीता को जीवन में आत्मसात करने के लिए भी प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि श्रीमदभगवदगीता को हम अपने जीवन में धारण करके और उसके श्लोकों को आत्मसात करते हुए अपने जीवन को सुखद बना सकते हैं।
इस अवसर पर वशिष्ठ अतिथि जी.एस. चोपडा ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी ने बेहतर तैयारी करते हुए श्रीमदभगवदगीता पर जो व्याख्यान किया है, वह काबिलेतारीफ है। उन्होंने कहा कि श्रीमदभगवदगीता के प्रत्येक श्लोक को हमें आत्मसात करते हुए अपने जीवन को सफल बनाना है।
इस अवसर पर कालेज की प्रधानाचार्य डा. पूजा ने मुख्य अतिथि के साथ-साथ उपस्थित सभी का धन्यवाद किया और कहा कि जिला स्तरीय गीता सेमिनार का आज यहां पर जो आयोजन हुआ है उससे निसंदेह विद्यार्थियों के साथ-साथ अन्य को श्रीमदभगवदगीता के बारे में जानकारी मिली है। इस दौरान उन्होंने कालेज के विद्यार्थियों द्वारा नशे जैसी गतिविधियों से दूर रहें, उस बारे जो कार्य किए जा रहे हैं उस बारे भी मुख्य अतिथि को अवगत करवाया। मंच संचालन की भूमिका नेहा ने बखूबी निभाई। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक गण व गैर शिक्षक गण उपस्थित रहे।
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