दिल्ली पुलिस का 'स्मार्ट इन्वेस्टिगेशन' पर जोर: तकनीकी कौशल सुधारने के लिए 458 अधिकारियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) में क्षेत्रीय अधिकारियों की तकनीकी जांच क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। स्पेशल सीपी (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित इस सत्र में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर से लेकर डीसीपी रैंक तक के कुल 458 अधिकारियों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जांच प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़कर और अधिक प्रभावी बनाना है।
देश के प्रमुख विशेषज्ञों ने साझा किया ज्ञान
प्रशिक्षण सत्र के दौरान ANTF (एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स), C-DoT, NATGRID और FSL रोहिणी के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। साथ ही, विशेष लोक अभियोजकों (Special Public Prosecutors) और CCTNS की टीम ने भी जांच के कानूनी और डिजिटल पहलुओं पर प्रकाश डाला। अधिकारियों को विशेष रूप से MCOCA और NDPS एक्ट जैसे जटिल कानूनों की बारीकियों और फोरेंसिक साक्ष्य प्रबंधन (Forensic Evidence Management) के आधुनिक तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।
डिजिटल पोर्टल्स के उपयोग पर विशेष ध्यान
जांच में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को NATGRID, CEIR और CCTNS जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टल्स के अनुकूलित उपयोग (Optimized Use) के बारे में प्रशिक्षित किया गया। इन पोर्टल्स की मदद से अपराधी के डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक करना और डेटा का विश्लेषण करना काफी आसान हो जाता है। पुलिस का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल केस सुलझाने की दर में सुधार होगा, बल्कि अदालत में ठोस डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत करने में भी मदद मिलेगी।
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