दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: 35 साल बाद पकड़ा गया खूंखार कातिल, लुधियाना से दबोचा गया भगोड़ा
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर स्टेट सेल) ने अपराध जगत के एक बेहद पुराने और अनसुलझे मामले को सुलझाते हुए एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 35 सालों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। आरोपी छवी लाल वर्मा ने साल 1991 में त्रिलोकपुरी इलाके में अपनी मकान मालकिन की चाकू मारकर हत्या कर दी थी और उनके बेटे की भी जान लेने की कोशिश की थी। वारदात के बाद से ही आरोपी फरार था और 1996 में उसे अदालत द्वारा भगोड़ा (PO) घोषित कर दिया गया था।
लूट के इरादे से दिया था वारदात को अंजाम
पूछताछ के दौरान आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह उस समय पीड़ित महिला के घर में किराएदार था। उसे लगा कि महिला के पास काफी नगदी है क्योंकि उसके पति विदेश में रहते थे। 2 अगस्त 1991 की रात को वह लूट के इरादे से कमरे में घुसा, लेकिन जब महिला और उसके बेटे ने विरोध किया, तो उसने चॉपर (तेज धारदार हथियार) से दोनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल होने के बाद बच गया था।
35 साल तक बदलता रहा ठिकाने, बच्चों की शादी में भी नहीं गया
गिरफ्तारी से बचने के लिए छवी लाल वर्मा ने एक शातिर अपराधी की तरह अपनी पहचान छिपाए रखी। इन 35 सालों के दौरान वह कोलकाता, मुंबई, नागपुर, गोवा और पंजाब जैसे अलग-अलग राज्यों में छिपकर रहता रहा। पकड़े जाने के डर से वह कभी अपने पैतृक गांव सुल्तानपुर (यूपी) नहीं लौटा और यहाँ तक कि अपने बच्चों की शादियों में भी शामिल नहीं हुआ। गिरफ्तारी के समय वह लुधियाना में एक कमर्शियल बिल्डिंग में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने ऐसे बिछाया जाल
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम के अनुसार, एसीपी रमेश चंद्र और इंस्पेक्टर मनमीत मलिक की देखरेख में एक विशेष टीम पिछले छह महीनों से इस केस पर काम कर रही थी। तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर टीम को उसके लुधियाना में होने का सुराग मिला। 10 अप्रैल 2026 को पुलिस ने लुधियाना में छापेमारी कर उसे सफलतापूर्वक दबोच लिया। दिल्ली पुलिस की इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, वह बच नहीं सकता।
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