दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने द्वारका और पालम में अवैध एलपीजी रिफिलिंग रैकेट का किया भंडाफोड़: 11 गिरफ्तार, 137 सिलेंडर बरामद
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एजीएस (AGS) टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए द्वारका और पालम इलाकों में चल रहे अवैध एलपीजी भंडारण और रिफिलिंग के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई समन्वित छापेमारी में पुलिस ने 137 अवैध एलपीजी सिलेंडरों के साथ-साथ गैस के अवैध हस्तांतरण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के तहत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे रिहायशी इलाकों में संभावित बड़े हादसों को टालने में सफलता मिली है।
सिलसिलेवार छापेमारी की पूरी कहानी
पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) श्री हर्ष इंदोरा के समग्र पर्यवेक्षण और एसीपी श्री भगवती प्रसाद के नेतृत्व में गठित टीम ने लंबे समय तक जमीनी स्तर पर काम करने के बाद यह सफलता हासिल की। छापेमारी के पहले दौर में, द्वारका के सेक्टर-7 स्थित जेजे कॉलोनी से 77 सिलेंडर बरामद किए गए और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। दूसरे चरण में, एक टेंपो से 25 और सिलेंडर बरामद हुए। तीसरे दौर की छापेमारी पालम कॉलोनी के देव कुंज इलाके में की गई, जहाँ से 35 सिलेंडर और अन्य उपकरण जब्त किए गए और वहां मौजूद 4 लोगों को दबोचा गया।
कार्यप्रणाली और अवैध लाभ
पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी एक संगठित सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे थे। ये लोग गैस एजेंसियों से सिलेंडर प्राप्त करते थे, लेकिन उन्हें वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बजाय अवैध ठिकानों पर जमा कर लेते थे। आरोपी बिना किसी सुरक्षा मानक के, पाइपों और वजन करने वाली मशीनों की मदद से भरे हुए सिलेंडरों से गैस को खाली सिलेंडरों में स्थानांतरित (रिफिल) करते थे। इसके बाद, वे इस गैस को बाजार में महंगे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाते थे।
कानूनी कार्रवाई और रिकवरी
इस पूरे मामले में एफएसओ (Food & Supply Officer) की मौजूदगी में साक्ष्य जब्त किए गए और मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कुल 137 सिलेंडरों के अलावा 10 वाहन (टेंपो, मोटरसाइकिल और साइकिल), वजन करने वाली मशीन और गैस ट्रांसफर में उपयोग होने वाली तीन धातु की पाइपें भी बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध शाखा थाने में बीएनएस (BNS) की धारा 125/3(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की आगे की जांच जारी है ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
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