दिल्ली: बुजुर्गों के घर कब्जाने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, वसंत विहार मामले में था भगोड़ा
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 'लैंड ग्रैबर' (जमीन कब्जाने वाले) गिरोह के एक सक्रिय सदस्य और घोषित अपराधी (PO) को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनके घरों पर कब्जा करने वाले गिरोह का हिस्सा है।
कोर्ट परिसर के पास से हुई गिरफ्तारी
डीसीपी (क्राइम-II) संजीव कुमार यादव के अनुसार, वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 मार्च 2026 को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर एसआई संजय कुमार, एसआई अंकुर और उनकी टीम ने पटियाला हाउस कोर्ट के पास जाल बिछाया। दोपहर करीब 1 बजे, टीम ने 51 वर्षीय अमित सागर को कोर्ट लॉक-अप के पास से दबोच लिया। अमित सागर मूल रूप से गाजियाबाद (यूपी) का रहने वाला है और वसंत विहार थाने में दर्ज साल 2016 के एक मामले में 25 फरवरी 2026 को भगोड़ा घोषित किया गया था।
90 साल के बुजुर्ग के साथ की थी मारपीट
पूछताछ के दौरान आरोपी अमित सागर ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह संदीप भास्कर के नेतृत्व वाले एक खतरनाक 'लैंड ग्रैबिंग गैंग' का सदस्य है। साल 2016 में अमित और उसके साथियों ने वसंत विहार में रहने वाले एक 90 वर्षीय बुजुर्ग के घर में जबरन घुसकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इस हमले का मुख्य मकसद बुजुर्ग को डरा-धमकाकर उनकी बेशकीमती संपत्ति पर कब्जा करना था।
नौकर और केयरटेकर बनकर की गद्दारी
आरोपी का प्रोफाइल खंगालने पर पता चला कि वह और उसका सरगना पीड़ित बुजुर्ग के घर में ही काम करते थे। वारदात के समय अमित सागर बुजुर्ग का ड्राइवर था, जबकि गिरोह का सरगना संदीप भास्कर वहां केयरटेकर के रूप में तैनात था। इन्होंने भरोसे का फायदा उठाकर घर कब्जाने की साजिश रची थी। अमित के सहयोगी संदीप भास्कर और जगत सिंह को भी मौके पर पकड़ा गया था, लेकिन बाद में वे अदालत की कार्यवाही से बचकर फरार हो गए थे।
अमित सागर केवल 11वीं कक्षा तक पढ़ा है और फिलहाल कपड़ों पर प्रिंटिंग का काम कर रहा था। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
#DelhiPolice #CrimeBranch #LandGrabber #VasantVihar #SeniorCitizenSafety #Arrested #DelhiNews #JusticeForSeniors #DanikKhabar