दिल्ली: 2017 डकैती कांड: 9 साल से फरार 'प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर' गिरफ्तार, फर्जी पहचान के सहारे छिपा था आरोपी
नई दिल्ली, 27 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 2017 के बहुचर्चित डकैती मामले में नौ साल से फरार चल रहे एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उत्तम नगर निवासी राजेश डावर उर्फ राजीव (55) के रूप में हुई है। आरोपी पर वर्ष 2017 में मालवीय नगर थाना क्षेत्र में 52.5 लाख रुपये की डकैती का आरोप है, जिसके बाद से वह अदालत द्वारा 'प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर' (भगोड़ा) घोषित था।
क्या था मामला?
मई 2017 में राजेश कुमार नामक एक प्रॉपर्टी डीलर को पंचशील विहार में एक प्लॉट का सौदा करने के नाम पर मालवीय नगर बुलाया गया था। 10 जुलाई 2017 को जब पीड़ित और उसके साथी 52.5 लाख रुपये की टोकन मनी लेकर वहां पहुंचे, तो 7-8 बदमाशों ने पुलिस अधिकारी बनकर उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने हथियारों के बल पर उनसे नकदी लूटी, उनके मोबाइल फोन छीन लिए और उन्हें सिलेक्ट सिटी मॉल के पास छोड़कर फरार हो गए थे। मालवीय नगर थाना पुलिस ने इस मामले में डकैती और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में पहले 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन राजेश डावर लगातार फरार चल रहा था।
'रशीद खान' बनकर काट रहा था फरारी
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर यशेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। 26 अप्रैल 2026 को पुलिस ने आरोपी को जहांगीरपुरी इलाके से गिरफ्तार किया। पकड़े जाने पर आरोपी ने खुद को 'रशीद खान' बताया और अपनी बीमारी का हवाला देते हुए फर्जी मेडिकल दस्तावेज भी दिखाए। हालांकि, कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपना असली नाम राजेश डावर स्वीकार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदलकर रह रहा था और जहांगीरपुरी में एक मोबाइल शॉप पर काम कर रहा था।
आरोपी का प्रोफाइल
आरोपी राजेश डावर स्नातक (बी.ए.) पास है। वर्ष 2015 के आसपास वह आपराधिक तत्वों के संपर्क में आया और नशे का आदी हो गया, जिसके बाद उसने जघन्य अपराधों में शामिल होना शुरू कर दिया। फिलहाल, पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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