क्रॉस-बॉर्डर हथियार व IED तस्करी मामला: NIA की 4 राज्यों के 12 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी, पंजाब-दिल्ली को दहलाने की थी बड़ी साजिश
नई दिल्ली, 30 मई (अन्नू): भारत-पाकिस्तान सीमा (Indo-Pak Border) के रास्ते देश में हथियारों, गोला-बारूद और रिमोट कंट्रोल से चलने वाले घातक आईईडी (IED) की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चौतरफा प्रहार किया है। एनआईए की विशेष टीमों ने शुक्रवार को देश के चार प्रमुख राज्यों के 12 अलग-अलग रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन (छापेमारी) को अंजाम दिया है।
एनआईए (NIA) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, इस व्यापक छापेमारी के दौरान संदिग्ध ठिकानों से कई डिजिटल डिवाइस और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच के जरिए इस पूरे आतंकी और तस्करी सिंडिकेट के नेटवर्क को पूरी तरह बेनकाब किया जाएगा।
देश के इन 4 राज्यों के 12 ठिकानों पर पड़ा छापा
एनआईए की प्रेस रिलीज के मुताबिक, आतंकी साजिश और हथियारों की खेप की कड़ियों को आपस में जोड़ते हुए केंद्रीय एजेंसी की टीमों ने देश के निम्नलिखित राज्यों में सघन तलाशी अभियान चलाया:
उत्तर प्रदेश: 04 रणनीतिक ठिकाने
महाराष्ट्र: 03 संदिग्ध ठिकाने
राजस्थान: 02 ठिकाने
बिहार: 02 ठिकाने
अमृतसर में रिमोट कंट्रोल आईईडी और विदेशी पिस्टल की बरामदगी से खुला था मामला
एनआईए की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत इसी साल फरवरी (2026) में पंजाब के अमृतसर से हुई थी। वहां के अमृतसर स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) पुलिस स्टेशन की टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक धात्विक केस (मेटैलिक बॉक्स) में पैक किया हुआ रिमोट कंट्रोल सेट से लैस एक खतरनाक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद हुआ था। इसके साथ ही पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल हैंडसेट, एक विदेशी निर्मित .30 बोर की पिस्टल (मैगजीन सहित) और 20 जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे।
स्थानीय पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS), गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
पंजाब, दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में ब्लास्ट करने की थी साजिश
मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े होने के कारण एनआईए ने इस जांच को अपने हाथों में लेते हुए केस संख्या RC-08/2026/NIA/DLI के तहत नई प्राथमिकी दर्ज की थी।
एनआईए की जांच में यह बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सीमा पार (पाकिस्तान) से की जा रही इस हथियारों और आईईडी की तस्करी का मुख्य मकसद पंजाब, देश की राजधानी दिल्ली और भारत के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में बड़े पैमाने पर आईईडी ब्लास्ट (बम धमाके) करना था। इसके जरिए आतंकी संगठन देश में जान-माल का भारी नुकसान पहुंचाकर भारत की शांति, स्थिरता और सांप्रदायिक सौहार्द को पूरी तरह से भंग करना चाहते थे।
देश के कई हिस्सों में छिपे मददगारों से संपर्क में था आरोपी
प्रेस रिलीज के मुताबिक, एनआईए की तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि अमृतसर में गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों में रह रहे कई संदिग्ध लोगों के साथ लगातार संपर्क में था। यह सभी लोग देश के भीतर आतंक, आगजनी (Arson) और अन्य हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की बड़ी साजिश रच रहे थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने प्रेस रिलीज के अंत में स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को हुई इस बड़ी छापेमारी के बाद मिले इनपुट के आधार पर इस पूरी साजिश में शामिल अन्य भारतीय और अंतरराष्ट्रीय (पारराष्ट्रीय) तत्वों व मददगारों की पहचान करने के लिए आगे की कानूनी व तकनीकी जांच बेहद तेजी से चलाई जा रही है।
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