अम्बाला में 'दयालु-2' योजना की समीक्षा बैठक: 13 आवेदन स्वीकृत; आवारा पशुओं के हमले या दुर्घटना का शिकार होने पर सरकार देगी 5 लाख तक की मदद
जे कुमार अम्बाला, 30 मई 2026: हरियाणा सरकार द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा कवच देने के लिए चलाई जा रही दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना द्वितीय (दयालु-2) को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है. अम्बाला के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) विराट ने आज अपने कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की और योजना के तहत आए मामलों की गहन समीक्षा की.
इस महत्वपूर्ण बैठक में नियमों और औपचारिकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करने के बाद जिला स्तरीय कमेटी द्वारा 13 आवेदनों को स्वीकृति (Approve) दी गई, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द आर्थिक मदद पहुंचाई जा सके.
क्या है 'दयालु-2' योजना और किसे मिलता है लाभ?
अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की एक बेहद संवेदनशील और कल्याणकारी योजना है:
इन स्थितियों में मिलेगी मदद: यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर आवारा या बेसहारा पशुओं (जैसे—गाय, बैल, सांड, कुत्ता, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि) के हमले या इनके कारण होने वाली दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, वह स्थायी रूप से दिव्यांग (अपाहिज) हो जाता है या गंभीर रूप से चोटिल होता है, तो उसे सरकार आर्थिक सहायता देती है.
योजना का मुख्य उद्देश्य: पीड़ित व्यक्ति या उसके आश्रित परिवार को बिना किसी देरी के समयबद्ध तरीके से राहत और वित्तीय सहयोग प्रदान करना है.
5 लाख रुपये तक की मिलेगी आर्थिक सहायता; सीधा खाते में आएगा पैसा
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है:
सहायता राशि: मृत्यु होने या 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता की स्थिति में उम्र और निर्धारित वर्ग के अनुसार 1 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है. इसके अलावा गंभीर चोट लगने की स्थिति में भी आर्थिक सहायता दी जाती है.
दाखिले और आवेदन के लिए जरूरी पात्रता एवं शर्तें:
यदि कोई परिवार इस योजना के तहत क्लेम (दावा) करना चाहता है, तो उसके लिए निम्नलिखित नियम अनिवार्य हैं:
हरियाणा का निवासी होना अनिवार्य है.
पीड़ित व्यक्ति/परिवार के पास परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) होना आवश्यक है.
90 दिनों की समय सीमा: दुर्घटना, मृत्यु या चोट लगने की घटना के 90 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को सरकार के आधिकारिक 'दयालु-2' पोर्टल https://dapsy.finhry.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
अधिकारियों को निर्देश—'आपसी तालमेल से औपचारिकताएं समय पर करें पूरी'
एडीसी विराट ने बैठक में मौजूद स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करें. उन्होंने कहा कि पुलिस और अस्पताल से जुड़ी कागजी औपचारिकताएं समय पर पूरी होनी चाहिए ताकि पीड़ितों को सहायता राशि के लिए इंतजार न करना पड़े. इसके साथ ही उन्होंने इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा ताकि हर पात्र व्यक्ति तक इसकी जानकारी सुगमता से पहुंच सके.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद:
इस जिला स्तरीय बैठक में एसडीएम सतिंद्र सिवाच, डीएसपी विजय कुमार, जिला सांख्यिकी अधिकारी मनजीत सिंह, एडीए आशीष और अतिरिक्त एसएमओ डॉ. जश्नप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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