मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन सहयोग से मध्य प्रदेश जल संरक्षण कार्यों में अग्रणी बन गया है।
एन.एस.बाछल, 16 मई, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए सरकार के साथ-साथ आम नागरिक भी जागरूक और सक्रिय हैं। यही कारण है कि मध्य प्रदेश केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण और बड़े पैमाने पर जल संग्रहण कार्यक्रमों में अग्रणी राज्य है। नर्मदा मिशन जैसे संगठन लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के सभी सरकारी विभाग जल संरक्षण और जन-संसाधनों के संरक्षण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने परिसर में स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी का दौरा किया। बाल चित्रकार विक्रम लोधी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मां नर्मदा का चित्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन में नर्मदा चिंतन बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर श्री दादा गुरु भगवान ने प्रवचन के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और दादा गुरु ने स्मित अपराजिता की पुस्तक 'समर्थ दृष्टि: साधना के शिखर' का विमोचन किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न उत्कृष्ट समाजसेवियों को समर्थ नर्मदा अलंकरण प्रदान किये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में कुओं, बावड़ियों, तालाबों, नहरों और अन्य जल स्रोतों एवं जल संरचनाओं के संरक्षण का कार्य जारी है। गुड़ी पड़वा से शुरू हुआ जल गंगा संरक्षण मिशन 30 जून तक चलेगा। इस दीर्घकालिक अभियान का उद्देश्य जल संरचनाओं को उपयोगी बनाना और जल के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है। कई त्योहार भी सरकार एवं प्रशासन के सहयोग से क्षेत्र में मनाए जाते हैं। मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास एवं विरासत संरक्षण के आह्वान को क्रियान्वित कर रहा है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग नदियों के उद्गम स्थलों की निगरानी और उन्हें उपयोगी बनाए रखने की दिशा में काम कर रहा है। इन प्रयासों में जनता की सराहनीय भागीदारी देखने को मिल रही है। वरिष्ठ राष्ट्रवादी विचारक गोपाल आर्य ने कहा कि हमारे देश में अमृता देवी जैसी महिलाएं हुई हैं, जिन्होंने वृक्षों को बचाने के लिए बलिदान देने से कभी परहेज नहीं किया। जब साधक और शासक समाज के बीच रहकर कार्य करते हैं, तभी सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त होते हैं।
कार्यक्रम में दादा गुरु ने कहा कि भारत की संस्कृति ने विश्व को एक दृष्टि प्रदान की है। हमारी प्रकृति यह संकेत दे रही है कि हम सभी को मिलकर पर्यावरण की देखभाल करनी चाहिए। हमारी नदियाँ हमारी शक्ति हैं। गंगा-यमुना-नर्मदा जल के रूप में बहने वाली प्रत्यक्ष शक्तियाँ हैं। नर्मदा का मार्ग व्यक्तित्व निर्माण का मार्ग है। दादा गुरु ने मध्य प्रदेश में जल-गंगा संरक्षण मिशन के कार्यों की सराहना की। मध्य प्रदेश जनसंचार परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर ने राज्य में जन सहयोग से जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्यों का विवरण दिया। खेल मंत्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सदस्य माया नरोलिया, विधायक भगवानदास सबनानी और कई जन प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित थे।
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