16/05/26

टिंडर पर हनीट्रैप और जबरन वसूली का खेल: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली पुलिस बनकर ठगने वाले गिरोह के 4 बदमाशों को दबोचा

नई दिल्ली, 16 मई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-II) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस ने टिंडर और क्वैकक्वैक (QuackQuack) जैसे डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों को फंसाने वाले एक संगठित हनीट्रैप और रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह नकली पुलिस अधिकारी बनकर भोले-भाले लोगों को डराता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

राजौरी गार्डन के पास जाल बिछाकर दबोचा मुख्य आरोपी

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, एएसआई अशोक को इस गिरोह के सक्रिय होने की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद एसीपी नरेंद्र बेनीवाल और इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। 12 मई 2026 को पुलिस टीम ने राजौरी गार्डन में कल्याण ज्वैलर्स के पास जाल बिछाया और संदिग्ध गाड़ी को घेरा। शुरुआत में तीन आरोपी भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने मौके से दिल्ली के नजफगढ़ निवासी 53 वर्षीय सुशील कुमार को पीड़ित के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय सुशील ने नकली पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। इसके बाद पुलिस ने बाकी फरार आरोपियों को भी दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

इस मामले में पुलिस ने जिन चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • सुशील कुमार: निवासी नजफगढ़, दिल्ली (नकली पुलिसवाला बनने वाला मुख्य चेहरा)

  • दीपक उर्फ साजन: निवासी सोनीपत, हरियाणा (फर्जी प्रोफाइल बनाने वाला)

  • विनोद पंडित: निवासी उत्तम नगर, दिल्ली

  • नीरज त्यागी उर्फ धीरू: निवासी तिलक नगर, दिल्ली इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों गगन और पूजा उर्फ कीर्ति की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

डेटिंग ऐप से फ्लैट और फिर रेप केस की धमकी का मॉडस ऑपरेंडी

प्रेस रिलीज के अनुसार, इस गैंग का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग टिंडर और क्वैकक्वैक ऐप पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। शिकार को जाल में फंसाने के बाद गिरोह की महिला सदस्य उन्हें किसी सार्वजनिक जगह पर मिलने बुलाती थी और वहां से बहला-फुसलाकर किसी किराए के फ्लैट या सुनसान जगह ले जाती थी। इसके बाद बाकी गैंग मेंबर्स वहां फर्जी पुलिस रेड डालते थे। सुशील कुमार पुलिस की वर्दी में आकर पीड़ित को डराता था और लड़की से रेप के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 'मामला रफा-दफा' करने के नाम पर लाखों की मांग की जाती थी।

मौजूदा मामले में 15 लाख की मांग और कार में बंधक

इस ताजा मामले में पीड़ित शख्स ने शिकायत की थी कि टिंडर पर उसकी मुलाकात 'कीर्ति' नाम की महिला से हुई थी। उसने पहले उसे जनकपुरी के हल्दीराम पर बुलाया और फिर अपने साथ एक फ्लैट पर ले गई। वहां पहुंचते ही फर्जी पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति समेत चार लोगों ने उसे रेप केस की धमकी देकर 15 लाख रुपए मांगे। आरोपियों ने पीड़ित को उसकी ही मारुति सियाज (Ciaz) कार में बंधक बना लिया और रकम का इंतजाम करने व एटीएम से पैसे निकालने का दबाव बनाते हुए उसे लगातार दिल्ली की सड़कों पर घूमाते रहे।

अपराधिक इतिहास और आरोपियों का प्रोफाइल

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नीरज, विनोद और दीपक पहले भी बिंदापुर थाने में दर्ज इसी तरह के एक मामले में शामिल रहे हैं, जबकि सुशील कुमार को 2017 में भी इसी अपराध के लिए पकड़ा गया था। सुशील को इस वसूली की रकम का 15% हिस्सा मिलता था। सोनीपत का रहने वाला दीपक जुए की लत के कारण भारी कर्ज में था, इसलिए उसने यह रास्ता चुना और वही ऐप पर 'कीर्ति' बनकर चैट करता था। नीरज त्यागी पहले तिलक नगर के साप्ताहिक बाजारों में कपड़े बेचने का काम करता था। दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है कि वे सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर अनजान लोगों से सतर्क रहें और किसी भी अजनबी के साथ सुनसान जगहों पर जाने से बचें।

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