CBI का बड़ा एक्शन: ₹1.25 करोड़ के बैंक घोटाले में 20 साल से फरार 2 भगोड़े अपराधी गिरफ्तार, नेपाल भागे थे आरोपी

नई दिल्ली/धनबाद, 23 जून (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दो दशकों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे दो बड़े भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार करने में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इमेज में दी गई आधिकारिक जानकारी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सीबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), मुख्य शाखा, धनबाद से जुड़े करीब 1.25 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को देश के अलग-अलग राज्यों से दबोच लिया है।

CBI द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार: नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच हुआ था घोटाला

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के सूचना अनुभाग (Information Section) द्वारा 22 जून 2026 को जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे मामले और कार्रवाई का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

  • करोड़ों का गबन: सीबीआई ने इस मामले को मूल रूप से 31 अगस्त 2005 को दर्ज किया था। यह मामला नवंबर 2002 से जून 2005 की अवधि के दौरान एसबीआई (SBI) मुख्य शाखा, धनबाद से ₹1,25,47,950 (करीब 1.25 करोड़ रुपये) के धोखाधड़ीपूर्ण गबन और फंड की हेराफेरी से संबंधित है।

  • 21 जून को हुई गिरफ्तारी: सीबीआई की टीम ने लगातार जारी प्रयासों के बाद दोनों घोषित भगोड़ों, बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह को 21 जून 2026 को गिरफ्तार किया है।

नेपाल भाग गए थे आरोपी, जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस

जांच एजेंसी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पनाह ली थी:

  • जांच के दौरान भागे विदेश: शुरुआती जांच के दौरान ही दोनों मुख्य आरोपी कानून से बचने के लिए भारत छोड़कर नेपाल भाग गए थे।

  • घोषित हुए भगोड़े: इसके बाद माननीय अदालत द्वारा दोनों को औपचारिक रूप से घोषित भगोड़ा (Proclaimed Offender) करार दिया गया था। इनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) भी जारी किए गए थे।

  • ₹25,000 का इनाम: दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सुराग देने वाले व्यक्ति के लिए पुलिस और जांच एजेंसी की तरफ से ₹25,000-25,000 के नकद पुरस्कार की भी घोषणा की गई थी।

फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे आरोपी; दो राज्यों में एक साथ हुई छापेमारी

सीबीआई के तकनीकी सर्विलांस, सटीक खुफिया इनपुट और कड़े फॉलो-अप के बाद दोनों आरोपियों के वर्तमान ठिकानों का पता लगाया गया, जो पिछले लगभग 20 वर्षों (दो दशकों) से अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे:

  1. बृजभूषण प्रसाद की गिरफ्तारी: आरोपी बृजभूषण प्रसाद को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव (Kopargaon, Ahmednagar) से गिरफ्तार किया गया।

  2. करतार सिंह की गिरफ्तारी: दूसरे आरोपी करतार सिंह को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur, Chhattisgarh) से दबोचा गया।

सीबीआई की टीमों ने इन दोनों अलग-अलग लोकेशंस पर एक साथ (Simultaneous Operation) छापेमारी कर इन्हें हिरासत में लिया।

कोर्ट में पेशी और आगे की कानूनी कार्रवाई

सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अंत में स्पष्ट किया गया है कि दोनों आरोपियों को आगे की विधिक प्रक्रियाओं और कानूनी कार्यवाही के लिए संबंधित सक्षम अदालत (Competent Court) के समक्ष पेश किया जा रहा है। दो दशक पुराने इस मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को बैंकिंग फ्रॉड मामलों में सीबीआई की एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है।

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