26/03/26

किताबों की दुनिया का 'पायरेसी किंग' गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस ने पकड़ी 20,000 से ज्यादा नकली किताबें, प्रिंटिंग प्रेस सील

नई दिल्ली, 26 मार्च (अन्‍नू):  दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर स्टेट सेल) ने अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन समूह 'पेंग्विन रैंडम हाउस' की किताबों की बड़े पैमाने पर पायरेसी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 67 वर्षीय मुख्य आरोपी ज्वाला प्रसाद सोनी को गिरफ्तार किया है, जो रोहिणी इलाके से इस पूरे काले कारोबार को संचालित कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 20,000 से अधिक पायरेटेड किताबें और अवैध छपाई में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनें बरामद की हैं।



एसीपी रमेश चंद्र लांबा के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर सतेंद्र पूनिया व सोहन लाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सबसे पहले रोहिणी सेक्टर-16 में छापेमारी की। वहां से 8,593 नकली किताबें बरामद हुईं। जांच आगे बढ़ी तो पास के ही एक दूसरे ठिकाने से 11,544 और किताबें मिलीं, जिससे कुल बरामदगी 20,137 किताबों तक पहुँच गई। शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने आनंद पर्वत औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अपनी अवैध प्रिंटिंग प्रेस का पता उगल दिया।



पुलिस ने आनंद पर्वत स्थित प्रेस से दो बड़ी प्रिंटिंग मशीनें, चार नामी किताबों के 'नेगेटिव्स' और बारह प्रिंटिंग प्लेट्स जब्त की हैं। यह गिरोह कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन कर बेस्ट-सेलर किताबों की हूबहू नकली कॉपियां छापता था और उन्हें बाजार में कम दामों पर बेचकर असली प्रकाशकों और लेखकों को करोड़ों का चूना लगा रहा था। बरामद मशीनों और प्लेट्स से यह साफ हो गया है कि आरोपी किताबों की छपाई से लेकर उनके वितरण तक के पूरे नेटवर्क को खुद ही नियंत्रित करता था।


गिरफ्तार आरोपी ज्वाला प्रसाद सोनी का आपराधिक इतिहास पुराना है। वह पहले भी साल 2011 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा कॉपीराइट एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। बार-बार अपराध दोहराने के कारण वह पुलिस की रडार पर था। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम के अनुसार, यह कार्रवाई बौद्धिक संपदा की चोरी रोकने और वैध पुस्तक बाजार के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ी जीत है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अन्य प्रकाशकों की नकली किताबें छापने के सुराग तलाश रही है।


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