राजपुरा में रेल ट्रैक पर बम धमाका: ISI और खालिस्तानी आतंकियों की साजिश का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार
पटियाला, 29 अप्रैल (अन्नू): पटियाला के राजपुरा में अंबाला-अमृतसर रेल फ्रेट कॉरिडोर पर हुए विस्फोट के मामले में पटियाला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दावा किया है कि यह धमाका पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मलेशिया में बैठे खालिस्तानी कट्टरपंथियों के इशारे पर किया गया था। इस साजिश का उद्देश्य पंजाब में शांति भंग कर दहशत फैलाना और रेलवे के कामकाज को बाधित करना था।
धमाके की साजिश और गिरफ्तारियां
पटियाला रेंज के DIG कुलदीप चहल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बंगा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह गोपी के रूप में हुई है। इनके पास से बम, IED, 2 पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान और मलेशिया से नियंत्रित हो रहा था। मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा 'चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारिए' नामक संगठन से जुड़ा है और सीधे विदेशी हैंडलरों के संपर्क में था। इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के जसविंदर सिंह मुल्तानी (जर्मनी) ने ली है।
बम लगाने वाला खुद धमाके की चपेट में आया
घटना 27 अप्रैल की रात करीब 8:30 बजे हुई। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जगरूप सिंह रूपा नामक व्यक्ति, जो तरनतारन के पंजवड़ गांव का रहने वाला था, मालगाड़ी के नीचे बम फिट करने की कोशिश कर रहा था। उसी दौरान धमाका होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जगरूप, खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह का करीबी था और 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने उसका प्रचार भी किया था। पुलिस को मौके से एक मोबाइल और सरहिंद से आने का टिकट भी मिला है।
पहले भी मिली थी धमकी
गौरतलब है कि घटना से एक सप्ताह पहले ही 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' द्वारा ईमेल के माध्यम से पंजाब और हरियाणा में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिसमें अंबाला से लेकर दिल्ली तक के ट्रैक को निशाना बनाने की बात कही गई थी। लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा और फिरोजपुर में भी रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकियाँ दी गई थीं। इस साल पंजाब में रेल लाइनों पर यह दूसरा बड़ा धमाका है; इससे पहले 23 जनवरी को सरहिंद के खानपुर में भी इसी तरह का ब्लास्ट हुआ था, जिसमें मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना करते हुए कहा कि उनका लापरवाह रवैया राज्य को 'पुराने काले दौर' की ओर धकेल रहा है। वहीं, पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी राज्य की शांति को खतरे में बताते हुए AAP सरकार को घेरा है।
पुलिस अब आरोपियों का रिमांड लेकर विदेशी फंडिंग और उनके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों को रोका जा सके।
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